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कार्रवाई: ट्रेनों और स्टेशन से करते थे मोबाइल चोरी, नेपाल-बांग्लादेश में बेचते थे ; GRP ने किया गिरफ्तार

Sat, 28 Dec 2024 10:44 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो

सार

एसपी जीआरपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि ट्रेनों से लेकर प्लेटफार्म तक मोबाइल चोरी की घटनाएं इधर अचानक बढ़ गईं थी। इसे देखते हुए जीआरपी की सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया था।
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जीआरपी ने आरोपियों को गिरफ्तार किया - फोटो : स्त्रोत- जीआरपी
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विस्तार
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ट्रेनों और रेलवे स्टेशन सहित प्रमुख बाजारों से लोगों का मोबाइल फोन चुराकर नेपाल और बांग्लादेश में बेचने वाले झारखंड के गिरोह का जीआरपी गोरखपुर ने खुलासा किया है। जीआरपी ने गिरोह के सरगना समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिग है।

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पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के करीब 10 लाख रुपये कीमत के 44 महंगे मोबाइल फोन, तमंचा, कारतूस और चाकू सहित अन्य सामान बरामद किए हैं। केस दर्ज कर पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया। एसपी जीआरपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि ट्रेनों से लेकर प्लेटफार्म तक मोबाइल चोरी की घटनाएं इधर अचानक बढ़ गईं थी।

इसे देखते हुए जीआरपी की सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया था। एसएचओ जीआरपी थाना गोरखपुर विजय कुमार सिंह की अगुवाई में टीम ने चोरों की तलाश शुरू की। इसी बीच शुक्रवार सुबह टीम ने रेलवे स्टेशन के घड़ी गेट के सामने खड़े भाप इंजन के पास एक नाबालिग सहित तीन लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया।
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तलाशी में उनके पास से कई मोबाइल फोन मिले। पूछताछ में पता चला कि सभी फोन चोरी के हैं। आरोपियों की पहचान झारखंड प्रांत के जिला साहबगंज, तलझाड़ी थाना क्षेत्र के महराजपुर निवासी मनोज मंडल, उसके साथी तीन पहाड़ निवासी करन कुमार और एक नाबालिग साथी के रूप में हुई।

सितंबर में भी पकड़ा गया था इसी गांव का गैंग : एसपी ने बताया कि जीआरपी ने सितंबर में भी 120 मोबाइल के साथ एक गैंग को पकड़ा था। वह गैंग भी झारखंड प्रांत के उसी गांव का था, जिस गांव के यह आरोपी है। इस गांव के लोग गैंग बनाकर चोरी की घटना को अंजाम देते हैं।

बताया कि गैंग के सदस्य जनरल टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा करने के लिए चढ़ते थे। पहले वह एसी कोच में रेकी करते थे। भोर में वह एसी डिब्बे में घुस जाते थे। सोते समय यात्रियों का मोबाइल और कीमती सामान चोरी कर लेते थे।

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