रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों, प्लेटफाॅर्म से चोरी व लूट के पांच आरोपियों को शनिवार को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उनके पास से पांच लाख रुपये कीमत के 23 चोरी के मोबाइल और आठ हजार नकदी बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपी ट्रेनों के अलावा बाजारों, सार्वजनिक स्थलों पर भी चोरी करते थे।
आरोपियों में दो की पहचान झारखंड के तलझाड़ी थाने के नया टोला महाराजपुर निवासी प्रिंस कुमार व सुरेश कुमार महतो के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, सुरेश महतो का प्रिंस भतीजा है। पूछताछ के बाद जीआरपी ने दोनों आरोपियों को जेल भिजवा दिया।
वहीं इनके साथ मिले तीन किशोरों में एक बिहार, झारखंड और एक चिलुआताल क्षेत्र का रहने वाला है। झारखंड का किशोर चाचा-भतीजे के परिवार का ही है। तीनों बाल अपचारियों को बाल सुधार गृह भिजवाया गया।
जानकारी के मुताबिक, जीआरपी प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह टीम के साथ शनिवार को रेलवे स्टेशन पर जांच पड़ताल कर रहे थे। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म एक पर पीपल के पेड़ के नीचे पांच संदिग्ध युवक मोबाइल चोरी करने की योजना बना रहे हैं। इस पर वहां पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक ने पांचों युवकों को पकड़कर तलाशी ली। इस पर उनके पास से चोरी के मोबाइल बरामद हुए।
जीआरपी प्रभारी के मुताबिक, आरोपी कुशीनगर, बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज समेत अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के सामान व मोबाइल चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। प्रिंस कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। प्रिंस कुमार के विरुद्ध सिद्धार्थनगर कोतवाली में एक मामला दर्ज है।
इसमें वह जेल भी जा चुका है। जीआरपी को प्रिंस व उसके गिरोह के सदस्यों की कई दिनों से तलाश थी। अन्य आपराधिक इतिहास खंगाले जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार सुरेश कुमार महतो व प्रिंस कुमार (चाचा-भतीजा) बच्चों से मोबाइल चोरी कराते थे।
बिहार व झारखंड के गांव में जाकर अभिभावकों को 15-20 हजार रुपये देकर उनके बच्चों को एक माह के लिए साथ लेकर निकल पड़ते थे। उन्हीं बच्चों को प्रशिक्षण देकर विभिन्न रेलवे स्टेशन व बाजारों में मोबाइल चोरी कराते थे। चोरी के मोबाइल को पश्चिम बंगाल में बेचकर बांग्लादेश भिजवा देते थे।
पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने जीआरपी को कई यह जानकारियां दीं। जीआरपी प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों ने बताया कि चोरी के मोबाइल को वह पश्चिम बंगाल व झारखंड में ले जाकर बेच देते थे। वहां से चोरी के मोबाइल को बांग्लादेश भिजवा दिया जाता था।
दोनों ने बताया कि यहां से चोरी मोबाइल की बांग्लादेश में अच्छी खासी कीमत मिल जाती है। पूर्व में बेचे गए 150 मोबाइल बांग्लादेश भिजवाया गया था। चाचा-भतीजा पर गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के सरगना सुरेश कुमार महतो व भतीजा प्रिंस कुमार ने बताया कि झारखंड व बिहार से बच्चों को अच्छा काम कराने के लिए झांसे में लेकर आते हैं। यहां लाकर मोबाइल चोरी व लूट की घटना में संलिप्त कर देते हैं।
मोबाइल की संख्या अधिक होने के बाद उसे पश्चिम बंगाल व झारखंड ले जाकर बेच देते थे। इस बार भी चोरी के मोबाइल अच्छी संख्या में एकत्रित हो चुके थे। शनिवार को कुछ और मोबाइल चोरी की योजना बना रहे थे कि तभी पुलिस ने पकड़ लिया।