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गोरखपुर मंडल: एमबीबीएस की 675 सीटों पर शुरू होगी पढ़ाई, एक साल में बढ़ीं 300 सीटें

Fri, 02 Aug 2024 12:35 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

जिस गोरखपुर मंडल में इलाज और चिकित्सा शिक्षा के लिए एकमात्र मेडिकल कॉलेज था, बीते सात साल में योगी सरकार ने उसे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल एजुकेशन का हब बना दिया है। इस मंडल में इस साल एमबीबीएस की 300 नई सीटों पर दाखिला शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही गोरखपुर मंडल में एमबीबीएस की 675 सीटों पर पढ़ाई शुरू हो जाएगी। सरकार के प्रयास से इस मंडल में सात साल में एमबीबीएस की करीब सात गुना सीटें बढ़ गई हैं। 
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महायोगी गोरखनाथ विवि, गोरखपुर - फोटो : गोरखपुर: पीआरओ
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विस्तार
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सात साल पहले तक गोरखपुर को केंद्र मानकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के माथे पर बदहाली की पहचान चस्पा थी। गोरखपुर समेत आसपास के कई मंडलों, सीमाई बिहार और नेपाल तक के लोगों के इलाज के लिए उम्मीद की एकमात्र किरण बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर ही था। इस पूरे अंचल में एमबीबीएस की पढ़ाई का भी एकमात्र केंद्र यही था। अव्यवस्था के चलते बीआरडी मेडिकल कॉलेज खुद बीमार नजर आता था तो कई बार इसकी एमबीबीएस की मान्यता पर तलवार लटकती रही। 


कभी एक मेडिकल कालेज था, आज हैं पांच
कभी एक मेडिकल कॉलेज वाले इस मंडल के चार जिलों में आज पांच मेडिकल कॉलेज हैं तो विश्व स्तरीय एम्स भी है। एक लंबे दौर तक यहां सिर्फ बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ही एमबीबीएस की 100 सीटों पर पढ़ाई होती थी। इसमें 125 सीटों की वृद्धि गोरखपुर में एम्स खुलने के साथ तथा 100 सीटों का इजाफा देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा राज्य स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से हुआ। मंडल में इस साल से तीन नए मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 300 सीटों पर दाखिला और पढ़ाई शुरू होने जा रही है। इनमें कुशीनगर में राज्य स्वायत्तशासी मेडिकल कॉलेज को 100, महराजगंज में पीपीपी मॉडल पर संचालित केएमसी मेडिकल कॉलेज को 150 और निजी क्षेत्र के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के अंतर्गत संचालित श्रीगोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को एमबीबीएस की 50 सीटों के लिए मान्यता और लेटर ऑफ परमिशन नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से प्राप्त हुआ है। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में बीएएमएस की 100 सीटों के लिए पहले से ही मान्यता प्राप्त है।
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इस साल पूरा हो जाएगा आयुष विवि
गोरखपुर में इस साल के अंत तक राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी पूरा हो जाने की उम्मीद है। आयुष विश्वविद्यालय के पूर्णतः क्रियाशील होने के बाद आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी आदि चिकित्सा पद्धतियों से इलाज व इन पद्धतियों में शिक्षा का भी प्रसार और विस्तार होगा। 

गोरखपुर मंडल में मेडिकल एजुकेशन की नवीनतम स्थिति
कॉलेज                              एमबीबीएस सीट
बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर      150
एम्स गोरखपुर                                  125
देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया     100
श्रीगोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज गोरखपुर     50
राज्य स्वा. मेडिकल कॉलेज कुशीनगर      100
केएमसी मेडिकल कॉलेज महराजगंज      150

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