अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनके जीवन से स्थिरता, लोककल्याण और कठिन परिस्थितियों में भी समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतिम दिन बुधवार को श्रद्धांजलि सभा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र स्थिरता है। दोनों पूज्य संतों के जीवन चरित्र से यही प्रेरणा मिलती है।
हम जिसका गुणगान करते हैं, उसके अनुरूप बनने का प्रयास भी करना चाहिए। यदि हम शिवभक्त हैं तो भगवान शिव की तरह सम-विषम परिस्थितियों में स्वयं को समान रखते हुए निश्छल रहना चाहिए। भगवान शिव ने विष को कंठ में धारण किया, इसलिए वह नीलकंठ कहलाए। समाज की विसंगतियों को अपने भीतर समाहित कर लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करना ही शिवत्व है।