शुद्ध प्लस के मालिक अमर तुलस्यान के नाम पर कंपनी के जीएम से 2.70 करोड़ रुपये की जालसाजी करने वाले आरोपियों ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और राजस्थान के 10 से अधिक बैंक खातों में रकम भेजी थी। जालसाजी की रकम दो दिनों में मंगाई गई थी।
खातों में रुपये जाने के बाद सबसे पहले कोलकाता में एक एटीएम से 50 हजार रुपये निकाले गए। सर्विलांस की मदद से व्हाट्सएप मैसेज भेजने वाले व्यक्ति लखीमपुर खीरी का निकला। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम खीरी रवाना हो गई है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुद्ध प्लस के मालिक अमर तुलस्यान की डीपी लगाकर जीएम के मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज लखीमपुर खीरी के एक व्यक्ति के नंबर से किया गया था। दो बैंकों में रकम भेजने के बाद जालसाज ने तीन राज्यों के 10 से अधिक बैंक खातों में 2.70 करोड़ रुपये भेज दिए।
सर्वाधिक रुपये पंजाब नेशनल बैंक के खातों में भेजे गए हैं। इसमें कई नामी बैंकों के नाम भी शामिल हैं। सबसे पहले कोलकाता के एक एटीएम से 50 हजार रुपये निकाले गए हैं। तीनों राज्यों के बैकों को पुलिस ने नोटिस भेजकर खाताधारकों का विवरण मांगा है।
दो दिन हुई जालसाजी लेकिन समझ नहीं पाए जीएम
पुलिस सूत्रों की मानें तो 13 नवंबर को जीएम के मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज कर यस बैंक के एक खाते में 90 लाख रुपये मंगाए गए। इसके बाद दूसरे दिन 14 नवंबर को भी मैसेज आया। इसके बाद जीएम रमेश ने आईसीआईसीआई बैंक के खाते में 1.80 करोड़ रुपये भेजे थे। इस तरह दो दिन तक उनके साथ जालसाजी होती रही और वह जान भी नहीं पाए। फिलहाल पुलिस हर बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।
यह है मामला
शुद्ध प्लस के जीएम रमेश कुमार ने बृहस्पतिवार को साइबर थाने में तहरीर दी। तहरीर में लिखा कि वह दोपहर के समय कंपनी का काम निपटा रहे थे। अचानक मोबाइल पर एक व्हाट्सएप नंबर, जिसपर मालिक अमर तुलस्यान की डीपी लगी थी, मैसेज आया-मैं नया नंबर इस्तेमाल कर रहा हूं।
बैंक खाता नंबर भेज रहा हूं। इस पर तत्काल पैसे भेजो। इसके बाद एक दिन 90 लाख और दूसरे दिन 1.80 करोड़ रुपये आरटीजीएस से भेजा गया। बाद में मालिक से बात होने पर पता चला कि उन्होंने मैसेज ही नहीं किया था। तब पता चला कि उनके साथ जालसाजी हुई है। इस मामले में पुलिस ने 45 लाख रुपये एक बैंक में होल्ड करा दिए हैं।
पुलिस टीम जांच कर रही है। कुछ लोगों से पूछताछ की गई है। टीमें लगी हैं, बहुत जल्द आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ लिया जाएगा:
सुधीर जायसवाल, एसपी क्राइम