- उत्तर भारत में कोहरे के चलते पूर्वोत्तर में बिगड़ी ट्रेनों की चाल
- गोरखधाम 11 घंटे तो वैशाली पौने सात घंटे की देरी से आई
गोरखपुर। उत्तर भारत में पड़ रहे कोहरे ने पूर्वोत्तर रेलवे से होकर गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी है। इसका असर यह है कि रविवार को गोरखधाम एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब पौने ग्यारह घंटे की देरी से गोरखपुर जंक्शन पर पहुंची। वहीं, वैशाली पौने सात घंटे व बिहार संपर्क क्रांति करीब ढाई घंटे की देरी से आई।
पिछले एक सप्ताह से प्रमुख ट्रेनों की रफ्तार धीमी है। मुंबई और दिल्ली से आनी वाली अधिकांश ट्रेनें लेट चल रही हैं। इसके चलते गोरखपुर से चलने वाली ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। गोरखपुर जंक्शन से मुंबई, पुणे और चेन्नई जाने वाली ट्रेनों को हर दिन दूसरी ट्रेनों का डिब्बा लगाकर भेजा जा रहा है। गोरखपुर से बिहार जाने वाली ट्रेनों के यात्रियों को कई-कई घंटे स्टेशन पर गुजारना पड़ रहा है।
रविवार को वैशाली सुपर फास्ट एक्सप्रेस सुबह 9.20 बजे के बजाय शाम करीब सवा चार बजे गोरखपुर पहुंची। इस ट्रेन से मुजफ्फरपुर, सीवान आदि स्टेशनों पर जाने वालों को पूरे दिन प्लेटफार्म पर गुजारना पड़ा। वहीं, बठिंडा से दिल्ली-कानपुर के रास्ते आने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस रात करीब नौ बजे गोरखपुर पहुंची, जबकि यह सुबह सवा नौ बजे गोरखपुर पहुंचती है। बिहार संपर्क क्रांति भी करीब ढाई घंटे लेट थी।
प्लेटफार्म नंबर आठ पर रही भीड़
गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर नौ पर मरम्मत कार्य के चलते रविवार को गोरखधाम एक्सप्रेस पूर्व निर्धारित समय के अनुसार प्लेटफार्म नंबर आठ से गई। इस प्लेटफार्म पर दोपहर बाद से ही यात्रियों की भीड़ जुटने लगी थी। बाराबंकी में यार्ड रिमाडलिंग व अन्य कारणों से बड़ी संख्या में दिल्ली की तरफ जाने वाली ट्रेनों के निरस्त होने के चलते आजकल गोरखधाम में यात्रियों की भीड़ बढ़ी हुई है।