मंगलवार की सुबह कड़ाके की ठंड और घने कोहरे में गाड़ियों की लाइट जलाकर आते जाते लोग। फोटो - संवा
कोहरे का असर अब ट्रेनों के संचलन पर पड़ने लगा है। बठिंडा से सुबह आने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस रात में पहुंची। ट्रेन से आए बहुत सारे लोगों की योजना बिगड़ गई। ट्रेन से आने वाले यात्रियों को रिसीव करने गए लोग परेशान रहे। इसी तरह ज्यादातर महत्वपूर्ण ट्रेनों सात से आठ घंटे की देरी से आईं। ट्रेन के इंतजार में यात्री परेशान हो गए।
दिल्ली से गोरखपुर आने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस अपने समय से लगभग 13 घंटे की देरी से सुबह 9.55 की जगह देर रात 11 बजे के आस-पास पहुंची। ट्रेन में पेंट्रीकर न होने से यात्री नाश्ता-भोजन के लिए परेशान हो गए। ट्रेन से आ रहे सुनील सिंह ने बताया कि दोपहर में एक मीटिंग में भाग लेना था, ट्रेन के देर से आने के चलते पूरी प्लानिंग बिगड़ गई।
15566 वैशाली एक्सप्रेस छह घंटे की देरी से, 02564 नई दिल्ली-बरौनी स्पेशल 15 घंटे की देरी से 02563 बरौनी नई दिल्ली स्पेशल लगभग 13 घंटे की देरी से, 12203 गरीब रथ एक्सप्रेस आठ घंटे की देरी से, 09452 भागलपुर गांधीधाम धाम स्पेशल आठ घंटे 27 मिनट की देरी से 15110 मधुरा छपरा एक्सप्रेस छह घंटे की देरी से, 13019 बाघ एक्सप्रेस लगभग बार घंटे की देरी से, 19091 गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस लगभग बार घंटे की देरी से पहुंची। मंगलवार को लगभग 20 ट्रेनें अपने समय से लेट पहुंची।