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Gorakhpur News: यूको बैंक में लाखों रुपयों का 'गोलमाल'...पहले चपरासी- अब हेड कैशियर- जानिए क्यों गहराया शक

Thu, 05 Dec 2024 02:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

यूको बैंक में हेड कैशियर कलीम पहले चपरासी था। बैंक प्रणाली की अच्छी जानकारी के चलते वह पदोन्नति पाकर हेड कैशियर तक पहुंच गया। चर्चा है कि उसकी बैंक कर्मियों और कुछ अफसरों से अच्छी सेटिंग है। फिलहाल उसे बैंक से हटा दिया गया है। अभी फिलहाल 2.50 रुपये का गोलमाल सामने आया है।
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bank - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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एसबीआई जंगल कौड़िया शाखा में फर्जीवाड़े का मामला अभी सुलझा नहीं कि अब यूको बैंक शाहपुर-बेलघाट शाखा में लाखों का गोलमाल पकड़ा गया है। आरोप है कि हेड कैशियर ने उपभोक्ताओं की रकम जमा करने के बजाए खुद रख ली और फर्जी रसीद दे दी। पासबुक में एंट्री कराने पर रकम जमा न होने की जानकारी मिली।
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फिलहाल अभी करीब आठ उपभोक्ता सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इनकी संख्या आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। शिकायत पर बुधवार को आंचलिक कार्यालय अयोध्या से तीन सदस्यीय टीम जांच को पहुंची। छानबीन के बाद टीम चली गई। इधर, कैशियर को बैंक से हटाकर कहीं दूसरी जगह अटैच कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, यूको बैंक शाहपुर बेलघाट में शाहपुर जिगिनिया निवासी राधिका ने 11 नवंबर को अपने खाते में 43,500 रुपये नगद जमा किया। हेड कैशियर कलीम ने जमा रसीद दी, जिसे लेकर घर चली गईं। राधिका ने बताया कि 29 नवंबर को पासबुक में एंट्री कराई तो रकम जमा न होने की जानकारी मिली।
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इसी तरह शाहपुर बेलाव निवासी अलीमुद्दीन और उनकी पत्नी रबीबुन के संयुक्त खाते से तीन बार में 1.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। उनके खाते में 30 हजार रुपये भी जमा नहीं किए गए। जबकि उनको रसीद दी गई थी। इन्हें पासबुक में एंट्री
कराने पर जानकारी हुई। शाहपुर निवासी मुहम्मद अली के अनुसार उनके खाते में 20 हजार रुपये जमा नहीं किए गए और रसीद दे दी गई। पासबुक प्रिंट कराने गए तो पता चलने पर पांच दिन बाद पुनः कैशियर ने रुपये जमा किया।

शाहपुर की बिंदु देवी के अनुसार उन्हें 1.75 लाख रुपये निकासी पर सिर्फ 75 हजार रुपये दिए गए। बाकी रकम के लिए दूसरे दिन बुलाया गया। जांच टीम का कहना है कि शिकायत गंभीर है। जांच की जा रही है। हेड कैशियर को ब्रांच से हटा दिया गया है।

दोषियों के खिलाफ कड़ी करवाई की जाएगी। उधर, मामले की जानकारी क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य गौरीशंकर मिश्र ने बैंक के अफसरों को प्रार्थना पत्र देकर जांच कर फर्जीवाड़ा करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पहले चपरासी था हेड कैशियर
बताया जा रहा है कि इसी बैंक में हेड कैशियर कलीम पहले चपरासी था। बैंक प्रणाली की अच्छी जानकारी के चलते वह पदोन्नति पाकर हेड कैशियर तक पहुंच गया। चर्चा है कि उसकी बैंक कर्मियों और कुछ अफसरों से अच्छी सेटिंग है। फिलहाल उसे बैंक से हटा दिया गया है। अभी फिलहाल 2.50 रुपये का गोलमाल सामने आया है।

शिकायतकर्ताओं के प्रार्थना पत्र मिले हैं। इसकी जांच की जा रही है। बुधवार आंचलिक कार्यालय अयोध्या से तीन सदस्यीय अफसरों की जांच टीम आई। शिकायतकर्ताओं से बातचीत की गई है। आरोपी हेड कैशियर को हटा दिया गया है: अमित कुमार यादव, शाखा प्रबंधक, शाहपुर, बेलघाट
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