गोरखपुर। प्रभु यीशू मसीह के बलिदान दिवस गुड फ्राइडे के अवसर पर शहर के सभी चर्चों में शुक्रवार को प्रार्थना की गई। मसीही समाज के लोगों ने श्रद्धा भक्ति के साथ धार्मिक गीत गाते हुए प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया। लघु डाक्यूमेंट्री और लघु नाटिका के जरिए भी प्रभु यीशू के कष्टों का मंचन किया गया और बताया गया कि जीवन के अंतिम क्षणों में प्रभु यीशू ने कष्ट देने वालों को क्षमा कर दिया।
सिविल लाइंस स्थित सेंट जोसेफ कैथेड्रल चर्च में क्रूस यात्रा निकाली गई, जिसमें फादर पोली ने पूजन विधि का नेतृत्व किया, जबकि फादर रोजर ने बाइबिल पढ़कर प्रवचन दिया। सभी लोगों ने प्रार्थना की। फादर बिन्नी ने कहा कि गुड फ्राइडे प्रभू यीशू के क्रूस मरण का अनुस्मरण है।
शास्त्री चौक स्तिथ क्रस्ट चर्च में यीशु मसीह के क्रुसीकरण को दर्शाती लघु डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। प्रभु यीशु के क्रूस से कहे अंतिम सात वचनों को विभिन्न वक्ताओं ने बताया।
मुंबई से आए पास्टर एलेन गुडविन ने पवित्र शास्त्र बाइबल से वचन साझा किए। चर्च के पादरी डीआर लाल ने बताया कि रविवार को ईस्टर संडे मनाया जाएगा। इस दौरान डॉ. एसके लॉरेंस, अमर जॉय सिंह, अरुणा वॉशिंगटन, अभिषेक वॉशिंगटन, आराधना वॉशिंगटन आदि उपस्थित रहे।
सेंट जॉन चर्च बशरतपुर में कंबाइंड गुड फ्राइडे की प्रार्थनाएं हुई। लखनऊ से आए पास्टर प्रदीप गुनर ने कहा कि जो कोई क्रूस के नीचे आता है, उन्हें परमेश्वर बड़ी जिम्मेदारी देता है। पादरी रोशन लाल, पादरी संजय विंसेंट भी प्रार्थना में शामिल हुए।
सेंट एंड्रयूज चर्च रेलवे कॉलोनी कौवा बाग के पादरी अजीत लॉरेंस ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया था। इतना कष्ट उठाने के बाद भी जिन्होंने उन्हें सताया था, उन्हें मरते समय क्षमा कर दिया।
सेंट थॉमस चर्च के पादरी संजय विंसेंट ने कहा कि परमेश्वर ने अपने धन्य पुत्र प्रभु यीशु मसीह को संसार में भेजा था।
सेंट एंथोनी चर्च धरमपुर के पल्ली पुरोहित फादर सीबीचन के नेतृत्व में जुलूस के युवाओं ने यीशु मसीह के दुख को नाटक के रूप में मंचित किया।
सेंट जॉन चर्च बशारतपुर, सेंट मार्क चर्च स्टैंनपुर पादरी बाजार, असेंबली ऑफ बिलीवर चर्च राप्ती नगर, फुल गासपल चर्च मोती पोखरा ,मसीही कलीसिया खरैया पोखरा, सेंट थॉमस चर्च धरमपुर, पीस टर्बेनिकल चर्च मयूर विहार, सेंट एंड्रयू चर्च रेलवे कॉलोनी कौवा बाग, क्राइस्ट चर्च शास्त्री चौक, सेंट ल्यूक चर्च राप्ती नगर, सेंट मार्टिन चर्च खरैया पोखरा, सेंट एंथोनी चर्च धर्मपुर, सेंट जोसेफ महा गिरजाघर सिविल लाइन, सेंट मैरी चर्च स्टैंडपुर पादरी बाजार आदि चर्च में सातों वाणियों पर चिंतन-मनन किया गया।