डायरक्ट्रेट ऑफ रिवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने बृहस्पतिवार को लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुए सात धंधेबाजों से जो तस्करी का तीन किलो सोना और विदेशी मुद्रा बरामद की है उसे गोरखपुर के हिंदी बाजार और बड़हलगंज में खपाना था।
गोरखपुर। डायरक्ट्रेट ऑफ रिवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने बृहस्पतिवार को लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुए सात धंधेबाजों से जो तस्करी का तीन किलो सोना और विदेशी मुद्रा बरामद की है उसे गोरखपुर के हिंदी बाजार और बड़हलगंज में खपाना था। गिरफ्तार धंधेबाजों में शामिल एक युवक गोरखपुर में पंजीकृत गाड़ी से एयरपोर्ट पहुंचा था।
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पकड़े गए कैरियर ने हिंदी बाजार के एक व्यापारी का नाम भी बताया है और उसके मोबाइल फोन से कुछ अहम सुराग डीआरआई की टीम को लगे हैं। माना जा रहा है डीआरआई इस नेटवर्क में शामिल लोगों तक जल्द पहुंच सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, दो दिन पहले लखनऊ एयरपोर्ट पर सबसे पहले दो युवकों की गिरफ्तारी की गई। इनमें गोरखपुर निवासी अविनाश सिंह भी शामिल था जो बैंकॉक से एयर एशिया की फ्लाइट से बृहस्पतिवार 1:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा था। पूछताछ के बाद अन्य पांच लोगों के नाम भी सामने आए, जो तस्करी में मददगार थे।
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गिरफ्तार आरोपियों में गोरखपुर की गाड़ी से कैरियर ने हिंदी बाजार के एक धर्मकांटा की दुकान का नाम भी एजेंसी के सामने बताया है। पिछले दिनों हिंदी बाजार में एक व्यापारी का अपने बेटे की वजह से अच्छा खासा नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि अब धंधेबाजों ने धर-पकड़ से बचने के लिए कैरियर की तरह काम करने वाले कुछ बाहरी विश्वसनीय लोगों को लगा दिया है।
इससे फायदा यह होता है कि तस्करी का सोना बिना लिखा-पढ़ी और पर्ची के आता है। एक करोड़ रुपये से अधिक का सोना अगर नहीं है तो पकड़े जाने पर भी एजेंसी सोने को जब्त कर पूछताछ के बाद कैरियर को छोड़ देती है। ऐसे में सोना किसने मंगाया है उसका नाम सामने नहीं आता है। इसी के चलते अब हिंदी बाजार और बड़हलगंज के धंधेबाज बैंकॉक से सीधे कैरियर के सहारे अपने नेटवर्क का प्रयोग कर सोने की खेप मंगा रहे हैं।
तीन किलो सोना और विदेशी मुद्रा मिली
एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए तीन किलो सोने में गोरखपुर के एक युवक का सीधा कनेक्शन सामने आया है। डीआरआई के ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने 2,13,000 अमेरिकी डॉलर मूल्य का तीन किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त किया है। 6,440 थाई बाट और 1,00,000 रुपये जब्त किये हैं। जांच एजेंसी इनसे पूछताछ के आधार पर बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
एजेंसी के रडार पर हैं बड़हलगंज के धंधेबाज
लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़े लोगों से तस्करी का नेटवर्क बड़हलगंज और हिंदी बाजार से जुड़ा पाया गया है। अब बड़हलगंज के धंधेबाज डीआरआई के रडार पर हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक वर्ष पहले भी बड़हलगंज में एक रसूखदार को डीआरआई ने जांच के लिए उठाया था।
पूछताछ में उसने अपने एक रिश्तेदार पर शक जताते हुए उसे पकड़ दिया था। जिसका सीधा कनेक्शन तस्करी से था। इसी के बाद रिश्तेदार और रसूखदार शख्स के बीच मनमुटाव भी हो गया था। लंबे समय से एजेंसी की टीमें गोरखपुर के दक्षिणांचल से जुड़े नेटवर्क पर लगी हैं। सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले दिनों बड़हलगंज में एक कथा के आयोजन 15 दिन पहले लग्जरी गाड़ी से धंधेबाज बाजार में दिखा था। इसी बीच टीम को देखकर फरार हो गया।