गोड़धोइया नाले का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। मुआवजे को लेकर भी तैयारी पूरी हो गई है। सर्वे के बाद प्रस्ताव, शासन को भेजा जा चुका है और डीएम कृष्णा करूणेश के मुताबिक इसी महीने मुआवजे की धनराशि मिल जाने की उम्मीद है। धन मिलते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
प्रस्ताव के मुताबिक नाला निर्माण के दायरे में करीब 800 घर आ रहे हैं, जिन्हें मुआवजे के तौर पर करीब 600 करोड़ रुपये देने पड़ सकते हैं। गोड़धोइया नाले का पानी जहां तक बह रहा है, वहां पड़ने वाली जमीन आदि के लिए मुआवजा नहीं दिया जाएगा। बाकी निर्माण के लिए अधिकतम सर्किल रेट के दोगुना के बराबर मुआवजा दिया जाएगा। मकान के लिए अलग से क्षतिपूर्ति दी जाएगी। इसके लिए सर्किल रेट के साथ ही मकान कितना पुराना है, इसके मुताबिक रेट निर्धारित किया गया है।
गोड़धोइया नाला के जीर्णोद्धार से न सिर्फ शहर के कई इलाकों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी बल्कि जाम से भी छुटकारा मिलेगा। दरअसल, मेडिकल कॉलेज के पास से रामगढ़ ताल तक करीब 9.7 किलोमीटर लंबे बनने वाले गोड़धोइया नाला के दोनों ओर पांच मीटर चौड़ी सड़क भी बनाई जाएगी। इससे मेडिकल कॉलेज की ओर से मोहद्दीपुर, पैडलेगंज की तरफ आना-जाना आसान हो जाएगा।
नाले के दोनों तरफ सर्विस लेन और बीच-बीच में पुलिया भी बनेगी
जलनिगम की ओर से तैयार की गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार मेडिकल कॉलेज की तरफ नाले की चौड़ाई 11 मीटर तो रामगढ़ ताल की तरफ 32.5 मीटर होगी। इसके बाद दोनों ओर सर्विस लेन बनाई जाएगी। वहीं जलनिगम नाले के दोनों ओर ऊंची फेंसिंग भी लगाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति कूड़ा न फेंक सके। इस नाले के बनने से मेडिकल कॉलेज, चंद्रगुप्त कॉलोनी, बशारतपुर, राप्ती नगर समेत करीब 50 मोहल्लों की जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी।
38 एमएलडी क्षमता का बनेगा एसटीपी
गोड़धोइया नाले के पानी को साफ करने के लिए नाले के दोनों तरफ सीवरेज लाइन डाली जाएगी। रामगढ़ ताल की तरफ 38 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का एसटीपी 44,300 घरों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करेगा। इसके बाद रामगढ़ ताल में साफ पानी गिरेगा।