निर्माणाधीन गोड़धोइया नाले में जलकुंभी ने बहाव रोक दी है। बहाव कम होने से आसपास के लोग चिंतित हैं कि बरसात में मोहल्लों में जलभराव हो जाने से घर में भी पानी भर जाएगा। ऐसे में उन्हें मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। लोग अपने काम पर और बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे? हालांकि, जल निगम और नगर निगम की ओर से नाले की सफाई करवाई जा रही है, लेकिन मानसून निकट देख लोग आशंकित हैं।
रविवार को बिछिया में ताड़ीखाना के पास पोकलेन से जलकुंभी निकाली जा रही थी। स्थानीय राजेश ने बताया कि हर साल बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। इस बार भी जलकुंभी बहुत है। पानी कैसे निकलेगा, समझ में नहीं आ रहा। शक्तिनगर में फौजदार सिंह का कहना है कि पहले कच्चे नाले में इससे अधिक पानी निकलता था।
कहीं तीन फीट तो कहीं पांच फीट ऊंचे नाले की दीवारों के बीच पानी भरा है। नाले की दीवार एक या डेढ़ फीट बची है, जहां पानी नहीं पहुंचा है। यदि पानी और बढ़ा तो परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि सड़क भी टूट चुकी है। नाले से घरों का पानी नहीं निकल पा रहा है, तो बारिश होने पर मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। नाला ओवरफ्लो होगा तो आसपास के घरों में पानी जाएगा।
बारिश होने पर होगा जलभराव
गोड़धोइया नाले से शहर के आधे से अधिक मोहल्लों की नालियां जुड़ी हैं। बशारतपुर से शक्तिनगर पुलिया तक निर्माणाधीन नाले से जल निकासी की कोशिश की गई है, लेकिन पानी रुकने की वजह से बशारतपुर, हरिसेवकपुर, धर्मपुर समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पानी का बहाव बहुत कम है। बारिश में जलभराव हो जाएगा।
अधिशासी अभियंता, जल निगम पंकज कुमार ने बताया कि गोड़धोइया नाले से जलकुंभी की सफाई कराई जा रही है। कुछ जगह डायवर्जन कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसकी वजह से बहाव धीमा है। नाले में जहां बहाव बाधित हो रहा है, वहां सफाई कराई जा रही है। जहां पोकलेन मशीन नहीं पहुंच पा रही है, वहां नाव से सफाई कराई जा रही है। एक से दो दिन में बहाव में तेजी देखने को मिलेगी।