गोरखपुर के गोला इलाके के एक गांव की युवती ने बुधवार को गोला थाना परिसर में ज्वलनशील पदार्थ गिराकर आग लगाने की कोशिश की। इसे देख एक फरियादी ने युवती के हाथ से माचिस छीनकर उसकी जान बचाई। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी उसे थाने के अंदर लेकर चली गईं। घटना की जानकारी होने पर एसपी साउथ ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
गोला थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती का पड़ोस के गांव के युवक से तीन वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसमें युवती उससे शादी करना चाह रही थी, लेकिन युवक इससे मुकर रहा था। इसे लेकर युवती ने थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने जब जांच कर मुकदमा दर्ज करने की बात कही तो युवती ने मना कर दिया।
इसी बीच युवक व युवती में समझौता हो गया, लेकिन कुछ दिन बाद युवक ने दोबारा शादी से मना कर दिया। युवती फिर थाने पहुंची और शिकायत की। उसका आरोप है कि पुलिस उसे दो महीने से दौड़ा रही थी। जिससे वह परेशान हो चुकी थी।
दबाव बनाकर शादी कराने को थाने का लगा रही थी चक्कर
युवती के साथ युवक शादी से मना कर रहा था। इसको लेकर दोनों पक्षों में वार्ता भी हुई थी। युवक से जुड़े लोग रुपये देकर छुटकारा पाना चाह रहे थे। इसके बाद युवती ने दबाव बनाने के लिए थाने का चक्कर लगाना शुरू कर दिया। वह दो माह से थाने आ रही थी। पुलिस से दबाव बनवाकर युवक से शादी करना चाहती थी। हर बार थाने से उसकी बात को अनसुना कर भगा दिया जा रहा था। जिससे क्षुब्ध होकर उसने आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय ले लिया।
चकसरया के युवक ने बचाया
मौके पर पहुंचे चश्मदीद चकसरया निवासी एक युवक ने बताया कि युवती एक लीटर के प्लास्टिक के बोतल में ज्वलनशील पदार्थ लेकर थाने में अंदर की तरफ गई और अपने ऊपर उसे उड़ेल लिया। माचिस की तीली निकालकर खुद को जलाने ही जा रही थी कि उसने पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
एसपी दक्षिणी जितेंद्र कुमार ने बताया कि युवती ने युवक के विरुद्ध आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी, लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज कराना चाह रही थी। उसका कहना था कि जेल जाने के बाद युवक शादी नहीं करेगा। दोनों ने थाने में समझौता भी किया था, परंतु मामला बिगड़ने पर युवती दोबारा थाने आकर शिकायत की। केस न दर्ज करते हुए युवक पर दबाव बनवाकर शादी कराने की बात कह रही थी। उससे तहरीर लेकर मुख्य आरोपी अंकित व उसके परिजनों पर केस दर्ज कर दिया गया है।