घोष कंपनी के पास नगर निगम की जमीन पर बनी तीन मंजिला मस्जिद को गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने ध्वस्त करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा है कि 15 दिन के अंदर स्वंय अवैध निर्माण ध्वस्त कर लें, या फिर प्राधिकरण उसे ध्वस्त करेगा। साथ ही ध्वस्तीकरण पर होने वाला खर्च भी वसूलेगा। जीडीए के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ मस्जिद के मुतवल्ली के पुत्र ने कमिश्नर कोर्ट में अपील की है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने निगम सदन की 6वीं बैठक में स्वयं प्रस्ताव लाया जिसके आधार पर मौजा चैनपुर उर्फ मेवातीपुर में 24 फीट गुणा 26 फीट भूमि मस्जिद को दिए जाने का निगम सदन ने सर्वानुमति से स्वीकृति दी थी। अब 47 डिस्मिल भूमि पर बनी यह तीन मंजिला मस्जिद तोड़ी जाएगी।
प्राधिकरण ने बिना मानचित्र स्वीकृत कराए भवन निर्माण को अवैध करार दिया है। जीडीए की ओर से 15 फरवरी को मस्जिद के दिवंगत मुतवल्ली के पुत्र शुएब अहमद के नाम ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया है।
आदेश के अनुसार पिछले साल क्षेत्रीय अवर अभियंता के स्थल निरीक्षण में पाया गया था कि मेवातीपुर निवासी सुहेल अहमद 60 वर्ग मीटर में भूतल, प्रथम तल का निर्माण कराते हुए दूसरे तक पर छत की तैयारी करा रहे थे। मौके पर कोई स्वीकृत मानचित्र नहीं दिखाया गया।
नोटिस के बावजूद नहीं रखा पक्ष
निर्माण के खिलाफ अवर अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर 15 मई, 2024 को पीठासीन अधिकारी ने वाद दखिल करते हुए निर्माणकर्ता को नोटिस जारी कर 30 मई तक कार्यालय में पक्ष रखने का मौका दिया था। आरोप है कि पक्षकार नियत तिथि पर उपस्थित नहीं हुए।
इसके बाद जीडीए ने चार फरवरी 2025 और 15 फरवरी को भी सुनवाई की तिथि निर्धारित करते हुए नोटिस जारी किया लेकिन, पक्षकार न तो उपस्थित हुए न ही स्वीकृत मानचित्र या कोई अन्य अभिलेख ही प्रस्तुत किया। इस पर प्राधिकरण ने 15 फरवरी को शुएब अहमद पुत्र दिवंगत सुहेल अहमद के खिलाफ ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया।