- खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के संबंध में जीडीए के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। एक तरफ जहां खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के संबंध में लोगों में कौतूहल है, वहीं जीडीए के अधिकारियों ने भुगतान के संबंध में स्थिति स्पष्ट की है। अधिकारियों के मुताबिक यदि ई नीलामी में किसी को भूखंड आवंटित हो जाता है, तो उसे भौतिक कब्जा प्राप्त करने की लिखित सूचना मिलने के 90 दिन के भीतर पूरा भुगतान करना होगा। इस 90 दिन को लाटरी की तिथि से नहीं जोड़ा जाएगा।
खोराबार टाउनशिप में आवासीय भूखंडों के लिए लोग आवेदन कर रहे हैं। इसका आवंटन ई लाटरी से होगा। मेडिसिटी में किसी क्लीनिक या अस्पताल के लिए भूखंड का आवंटन ई नीलामी के जरिए किया जाएगा। वाणिज्यिक भूखंडों का आवंटन भी ई-नीलामी के जरिए किया जाना है। भूखंड और फ्लैट के लिए 10 प्रतिशत धनराशि (आरक्षित वर्ग को पांच प्रतिशत) देकर पंजीकरण कराना है। आवंटन पत्र जारी होने के 45 दिन के भीतर 25 प्रतिशत धनराशि और निर्धारित अवधि से 90 दिन के भीतर पूरा भुगतान करने पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा एक श्रेेेेणी के भूखंड के लिए एक ही पंजीकरण धनराशि देनी होगी। उसी के जरिए उस श्रेणी के जितने भी भूखंड होंगे, आवेदक लाटरी या नीलामी में शामिल हो सकेंगे। हालांकि इस दौरान ई लाटरी में एक भूखंड मिलने के बाद अगले भूखंड के लिए आवेदक पात्र नहीं होंगे। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है कि एक व्यक्ति एक ही भूखंड खरीद सके। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि भौतिक कब्जा देने की लिखित सूचना मिलने के बाद आवंटी को 90 दिन में भुगतान करना होगा।
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