गोरखपुर में जमीन दिलाने के बहाने कचहरी में ले जाकर लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण लेकर हड़पने की आरोपी गोधना और उनके बेटों संतोष व दुर्गेश पर पुलिस ने गैंगस्टर का केस दर्ज कर लिया। जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी गोधना ने कोर्ट के जरिए दुष्कर्म का केस भी दर्ज करा दिया था। जांच में फर्जी पाए जाने पर दोनों केस को भी खत्म कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, हुमांयूपुर उत्तरी निवासी गोधना पत्नी सुभाष चंद्र पर अपने बेटे संतोष व दुर्गेश के साथ मिलकर जालसाजी करने का आरोप लगा है। पुलिस ने चकरा अव्वल निवासी शीला की तहरीर पर केस भी दर्ज कर लिया है। शीला ने बताया कि वर्ष 2015 में रुपये की जरूरत थी। कुछ लोगों ने बताया कि गोधना ब्याज पर लोगों को रुपया देती है।
एक बार ब्याज पर रुपये लेने के बाद वापस कर दी। फिर अगस्त 2015 में मकान बनवाने के लिए रुपये की जरूरत थी। पूर्व का परिचय होने के कारण गोधना से संपर्क किया तो कहा कि तुम अपने जमीन का कागज हमें दे दो। बैंक से तुम्हारा लोन मंजूर करा दूंगी।
आरोप है कि गोधना ने कुछ सादे कागज पर महिला का हस्ताक्षर कराया। कुछ समय बीतने के बाद ऋण के बारे में पूछने पर बताया गया कि नहीं हो पाएगा। फिर घर पर नोटिस आया तो पता चला कि शीला के नाम से 20 लाख रुपये का ऋण 2015 में ही लिया चुका है।
दूसरा केस राजघाट के चकरा अव्वल महेवा चुंगी निवासी मुन्नी पत्नी दीपचंद्र ने संतोष पर केस दर्ज कराया। उनका कहना था कि संतोष ने जमीन दिलाने के बहाने दीवानी कचहरी परिसर में स्थित बैंक से पांच लाख का ऋण करा दिया। बाद में नोटिस आने पर जालसाजी की जानकारी हुई। पुलिस दर्ज किए गए केस में आरोपियों को जेल भेज दिया।
इसके बाद करीब पंद्रह दिन पहले एक पीड़ित पर गोरखनाथ में तो दूसरे पर तिवारीपुर थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया। इसकी जानकारी होने पर पीड़ितों ने एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से शिकायत की, इसके बाद ही जांच कर केस को खत्म कर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।