- एसआईटी जांच के साथ ही एम्स के डॉक्टर की रिपोर्ट भी इस केस में अहम
- गंगेश हत्याकांड में आरोपी रिश्तेदार से भी पुलिस करेगी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गंगेश हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेंशन टीम) अब एम्स के मेडिको-लीगल और फारेंसिंक विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद ले रही है। एसआईटी ने दस सवाल तैयार कर डॉक्टरों को भेजे हैं। गंगेश के विसरा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम का वीडियो रिकॉर्डिंग देखकर डॉक्टर एक रिपोर्ट तैयार कर उसका जवाब देंगे। एसआईटी की माने तो डॉक्टरों की रिपोर्ट इस केस को खोलने में अहम कड़ी साबित हो सकती है।
महेवा में रहने वाले गंगेश पांडेय और उसके भाई योगेश दत्त की मौत के मामलें में परिवार वालों की तहरीर पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. आरडी राय, उनके बेटे समेत सात लोग आरोपी बनाए गए हैं। इस मामले में एसआइटी गठित होने के बाद अभी तक की जांच में सामने आया है कि गंगेश ने जहर खाया नहीं बल्कि किसी ने उसे दिया है। जहर आखिर किसने दिया, कहां दिया, कैसे दिया टीम जांच की शुरूआत में सबसे पहले इन सवालों के जवाब तलाश रही है। अक्सर घरों में जहां गेहूं रखा जाता है, उस ड्रम में सल्फास की गोलियां डाली जाती है। टीम पता लगा रही है कि कहीं गंगेश के घर में भी गेहूं के ड्रम में सल्फास तो नहीं रखा था, इसके लिए मृतक के परिजनों से भी पूछताछ हुई है। अब गंगेश की पत्नी को भी दिल्ली से पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।
जिस दिन गंगेश की मौत हुई, उस दिन उसके एक रिश्तेदार का परिजनों के पास कई बार मैसेज आया था कि वह घर पहुंचा की नहीं। परिजनों ने उसे भी आरोपी बनाया है। आरोपी रिश्तेदार से टीम ने फोन पर बात कर बयान नोट किया है, अब उसे बुलाकर पूछताछ होगी। उसकी भूमिका की जांच के लिए कॉल डिटेल भी निकलवाई जा रही है।
एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने गंगेश हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई की अगुवाई में चार सितंबर को एसआईटी गठित की। इसमें सीओ कैंट अंशिका वर्मा, प्रभारी निरीक्षक कैंट संजय सिंह व प्रभारी निरीक्षक एम्स रणधीर मिश्रा को शामिल किया गया है।
यह है मामला
महेवा में रहने वाले गंगेश पांडेय के भाई योगेश दत्त की वर्ष 2017 में हत्या कर दी गई। इस मामले में वह मुख्य गवाह थे। गवाही के सिलसिले में वह मई के पहले सप्ताह दिल्ली से गोरखपुर आए। 11 मई की सुबह 10.30 बजे केस के संबंध में बात करने घर से निकले। एक घंटे बाद गोलघर में उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों की तहरीर पर 13 जून को इस मामले में आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। फोरेंसिक रिपोर्ट में जहर से गंगेश की मृत्यु होने की पुष्टि के बाद परिजन आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।
वर्जन-
एम्स के मेडिको-लीगल और फारेंसिक के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। डॉक्टरों से इस केस से जुड़े कुछ सवालों के जवाब पूछे गए हैं। हर पहलुओं को ध्यान में रखकर टीम इस केस की गहनता से जांच कर रही है।
कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी