गोड़धोइया नाले के किनारे शिवपुर सहबाजगंज में चार और मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे वहां रह रहे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार को कार्यदायी संस्था जल निगम नगरीय और सदर तहसील के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और मकानों को जल्द खाली करने के निर्देश दिए। कार्यदायी संस्था की तैयारी है कि मंगलवार को लोगों को मुआवजा देकर मकानों को ध्वस्त कर दिया जाए।
शिवपुर सहबाजगंज सेक्टर नंबर एक के पश्चिम गोड़धोइया नाले का निर्माण चल रहा है। कर्मचारी जेसीबी से खोदाई करने के बाद जमीन में बोर कर मोटर से पानी निकाल रहे हैं। दोनों मकानों से सटे लोहे की गर्डर भी लगाई गई है। इसके बाद भी सोमवार की दोपहर संगीता पांडेय और सावित्री देवी के मकान में दरारें आ गईं।
दोनों लोगों के मकान एक-दूसरे के सामने हैं। इसके अलावा दो और मकानों में दरारें आई हैं। सावित्री देवी ने एक वर्ष पहले मुआवजा मिलने के बाद प्रभावित हिस्सा तोड़ने के बाद नए सिरे से मकान बनवाया था।
तीन मकान गिराए गए थे
करीब 10 दिन पहले आदित्यपुरी कॉलोनी में नाले से सटे लवकुश सिंह, जगदीश उपाध्याय और मनोज उपाध्याय का मकान नाला निर्माण के दौरान गिराया गया था। रेड जोन में होने की वजह से उन्हें मुआवजा देकर मकान खाली कराया गया था। मकान में दरार आने के बाद तीनों परिवार शक्तिनगर में किराये का मकान लेकर रह रहे हैं।
पीड़ित बोले...
एक साल पहले मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ा था। उसके बाद भी नाला सटाकर बनाया जा रहा है। अब तीन मंजिला मकान में दरारें आई हैं। किरायेदारों को मकान खाली करने के लिए कहा गया है:
संगीता पांडेय
मकान अभी एक साल पहले ही बना है। नाला निर्माण की वजह से कई जगह दरारें आ गई हैं। फर्श में लगे टाइल्स टूट गए हैं। अब मकान में रहने से डर लग रहा है। अपना मकान होते हुए भी किराये पर रहने को मजबूर हैं:
सावित्री देवी
शिवपुर सहबाजगंज में कुछ और मकानों में दरारें आई हैं। मौके का निरीक्षण कर उन्हें खाली करने को कहा गया है। उन्हें जल्द मुआवजा देकर मकान को गिरा दिया जाएगा:
पंकज कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय