जिला मुख्यालय से 23 किलोमीटर पिपरा बाजार तक सड़क को 10 मीटर चौड़ी पेव्ड शोल्डर बनाया जाएगा
इनके निर्माण पर 1544 करोड़ की लागत आएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के अंतर्गत कुशीनगर जिले में भगवान बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली के पास से जिला मुख्यालय रविंद्र नगर तक फोरलेन का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही कसया में एयरपोर्ट के नजदीक चार किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास का भी निर्माण होगा। जबकि जिला मुख्यालय से 23 किलोमीटर पिपरा बाजार तक सड़क को 10 मीटर चौड़ी पेव्ड शोल्डर बनाया जाएगा। इस सड़क पर पानी निकासी सहित सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। इसके निर्माण पर 1544 करोड़ की लागत आएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग 727 प्रदेश के लिए अत्यधिक महत्व रखता है, क्योंकि यह कुशीनगर, सारनाथ, डेरदेह, श्रावस्ती, राज्य पर्यटन नीति 2002 के अंतर्गत मेगा सर्किट के तहत बौद्ध सर्किट का हिस्सा है। इस राजमार्ग के चौड़ीकरण बाद बौद्ध तीर्थ स्थल कुशीनगर और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व सीधे तौर पर कुशीनगर हवाई अड्डे, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 और राष्ट्रीय राजमार्ग 730 से साीधे जुड़ जाएगा।
एनएच के अभियंताओं के मुताबिक कसया से पड़रौना जिला मुख्यालय तक बनने वाले फोरलेन में जिला मुख्यालय के तीन किलोमीटर पहले ही नौ किलोमीटर फोरलेन बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। एनएच 730 जो सड़क पीलीभीत से तमकुही जा रही है, वहां पर डायमंड इंटर चेंज का निर्माण कराया जाएगा। इसके बन जाने से वहां पर कोई गाड़ी आमने सामने नहीं आएगी। इसके अलावा उसके आगे रेलवे लाइन पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।
यातायात की गणना के बाद कम ट्रैफिक होने के कारण उसके आगे की 23 किलोमीटर सड़क 10 मीटर चौड़ी पेव्ड शोल्डर बनाई जाएगी। इस सड़क पर वह सभी सुविधाएं होंगी जो फोरलेन की सड़क पर होती है। लगभग 46 किलोमीटर सड़क के निर्माण पर 1544.42 करोड़ की लागत आएगी। सड़क के सिविल वर्क पर 805 करोड़ की लागत आएगी। भूमि अधिग्रहण पर 302 करोड़ खर्च होगा। पेड़ों की कटान के लिए वन विभाग, बिजली विभाग तथा जल निगम को शेष धनराशि दी जाएगी। इस कार्य को 30 महीने में पूरा किया जाएगा।
कुशीनगर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 727 पर 23.810 किलोमीटर सड़क फोरलेन तथा 22.69 किमी सड़क 10 मीटर पेव्ड शोल्डर होगी। इसमें जहां कसया के पास चार किलोमीटर फोरलेन बाईपास बनेगा, जबकि जिला मुख्यालय के पास नौ किलोमीटर फोरलेन बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। इसकी वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। काम को 30 महीने में पूरा करना है।
कमल शंकर, अधीक्षण अभियंता, एनएच