रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकालती टीम
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नारायणी और गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से कुशीनगर में बाढ़ के हालात बिगड़ गए हैं। नारायणी नदी का पानी उस पार के गांवों में घुस गया है। गांवों में घुटनों तक पानी है, लोग छतों पर शरण लिए हैं। महादेवा गांव के लोगों ने सालिकपुर चौक के पास हाईवे किनारे शरण ली है। मवेशियों के लिए चारे का संकट है।
उधर, वाल्मीकि बैराज से रविवार सुबह 9 बजे 4 लाख 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि नेपाल के देवघाट से 6 लाख 24 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हुआ है। इससे खड्डा क्षेत्र के 6 गांवों में गंडक का पानी घुस गया है। करीब 35 हजार आबादी प्रभावित है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।