महराजगंज। नौतनवा कस्बे के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब आग लगने पर लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। करीब 12 करोड़ की लागत से फायर स्टेशन बनेगा। इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही कार्यदायी संस्था भी नामित हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, नौतनवा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुड़िला में करीब 7000 वर्ग मीटर में फायर स्टेशन बनेगा। जिला प्रशासन ने फायर विभाग को इसके लिए जमीन उपलब्ध करा दी है। शासन ने इसके निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को नामित किया है। दीपावली के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
नया फायर स्टेशन बनने से नौतनवा तहसील क्षेत्र के करीब एक लाख से अधिक की आबादी को आग की विभीषिका से बचाव में सीधे फायदा होगा। आग से होने वाली दुर्घटनाओं पर शीघ्र काबू पाया जा सकेगा। प्रशासनिक भवन, बैरक, स्वीपर रूम, चौकीदार कक्ष बनेगा। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध रहेगी। परिसर में दमकल वाहन खड़ा करने की पर्याप्त व्यवस्था होगी। पानी भरने के लिए नलकूप की बोरिंग भी कराई जाएगी। फायर स्टेशन में आग से बचाव के व्यापक इंतजाम होंगे। आग बुझाने के लिए हाईटेक यंत्र होने से किसी भी हादसे से निपटा जा सकेगा।
इतने कर्मियों की अगल-अलग क्षेत्र में तैनाती
श्यामदेउरवां में एक चालक व चार फायरमैन, फरेंदा में एक चालक, एक हवलदार व चार फायरमैन, नौतनवां में एक चालक, एक हवलदार व चार फायरमैन लगाए गए हैं। एक-एक बड़ी गाड़ी सिसवा, महराजगंज व फरेंदा तथा एक-एक छोटी गाड़ी श्यामदेउरवा व नौतनवा में लगाई गई है। सिसवा में एक चालक, दो हवलदार व सात फायरमैन तथा महराजगंज में सीएफओ, एक अग्निशमन अधिकारी, दो हवलदार व 14 फायरमैन तैनात हैं। जिले में वाहनों की उपलब्धता पर नजर डालें तो तीन वाटर टेंडर (बड़े वाहन), तीन वाटर मिस्ट वाहन (400 लीटर क्षमता वाले) तथा तीन बोलेेरो कैंपर (पंप के साथ) उपलब्ध है।
दो केंद्र संचालित तीसरे का निर्माण अंतिम चरण में
धनेवा व सिसवा बाजार में पहले से ही अग्निशमन केंद्र संचालित है, जबकि निचलौल तहसील क्षेत्र में एक केंद्र निर्माणाधीन है। यहां ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। करीब 90 प्रतिशत हो चुका है। अन्य जरूरी काम तेजी से कराया जा रहा है। जिले में आग से बचाव के लिए प्रबंध धनेवा व सिसवा केंद्र के वाहनों व कर्मियों के भरोसे ही होता है। लोगों के अनुसार, 12 ब्लॉक वाले इस जिले में यदि किसी वजह से एक समय में कई जगहों पर आग लग गई तो क्षति को रोक पाना मुश्किल होगा। आग से बचाव के लिए जिम्मेदारों को संसाधनों की व्यवस्था को और मजबूत बनाना होगा।