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बीआरडी : जांच पूरी..शार्ट सर्किट से लगी थी मेडिकल कॉलेज में आग

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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर 14 में लगी आग की जांच पूरी हो गई है। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, आग की वजह शार्ट सर्किट है। जांच टीम ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को वार्ड की व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न होने पाए।
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मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार की रात में वार्ड नंबर 14 में अचानक आग लग गई। आग लगने से वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पाकर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी पहुंच गए। तीमारदाराें ने अपने मरीजों को गोद में लेकर किसी तरह बाहर निकाला। मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने ाआग पर काबू पा लिया। रात में डीएम-एसएसपी भी पहुंच गए। इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी गई। इसमें एडीएम सिटी, चीफ फायर आफिसर और विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अधिकारी शामिल थे। जांच टीम ने जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है।
जांच टीम ने सुरक्षा के बिंदु से एक-एक पहलुओं की गहनता से जांच की और बहुत सारे सुरक्षा संबंधित सुझाव भी दिए हैं। अब प्रशासन इन सुझावों को अमल कराने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन के रिपोर्ट के साथ पत्र भेजेगा।
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वर्जन
मेडिकल कॉलेज में लगी आग की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी है। शार्ट सर्किट से वार्ड में आग लगी थी। टीम ने सुरक्षा संबंधित कुछ सुझाव भी दिए हैं, जिसे मेडिकल कॉलेज प्रशासन को अवगत कराया जाएगा।
-कृष्णा करुणेश, डीएम

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बीआरडी: वार्ड नंबर 11 में शुरू हुई मेडिसिन विभाग की इमरजेंसी

अमर उजाला ब्यूरो
मेडिकल कॉलेज। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के इमरजेंसी वार्ड को वार्ड नंबर 11 में शिफ्ट कर दिया गया है। इस वार्ड में 12 वेंटिलेटर की सुविधा वाले बेड भी मंगाए गए हैं। आग से जले वार्ड नंबर 14 की सफाई हो गई है। अब इसकी मरम्मत व रंगाई-पुताई का काम कराया जाएगा।
बीते बृहस्पतिवार की रात में मेडिसिन विभाग में आग लगने के चलते अफरा-तफरी मच गई थी। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था। इस वार्ड के मरीजों को वार्ड नंबर दो और वार्ड नंबर 100 में शिफ्ट कर दिया गया था। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि मेडिसिन इमरजेंसी में प्रतिदिन लगभग 150 मरीज आते हैं। इसे देखते हुए वार्ड नंबर 11 में मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड की शुरुआत करा दी गई है। इस वार्ड में 12 वेंटीलेटर बेड भी मंगवा लिए गए हैं। गंभीर मरीजों को वार्ड नंबर 100 के आईसीयू में और अन्य मरीजों को वार्ड नंबर दो में रखा जा रहा है। वार्ड नंबर 5 महिला मेडिसिन वार्ड तथा वार्ड नंबर 9 पुरूष मेडिसिन वार्ड में भी मरीजों का इलाज चल रहा है।
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