केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को गीता प्रेस परिसर का भ्रमण किया। लीला चित्र मंदिर की फोटो गैलरी देखकर अभिभूत हो गईं और उन्हें अपना बचपन याद आ गया। बोलीं-दादा जी के घर में सूरदास के साथ भगवान कृष्ण के बालरूप की तस्वीर थी, जिसे देखा करते थे। विजिटर डायरी में उन्होंने लिखा- पहली बार गोरखपुर और गीता प्रेस आकर बहुत अच्छा लगा।
गीता प्रेस पहुंचते ही वित्त मंत्री ने कहा कि मैं पहली बार गोरखपुर आई हूं। मैंने ये पहले ही सोचा था कि दो मिनट ही सही पर गीता प्रेस जरूर जाउंगी। इसके बाद वे लीला चित्र मंदिर में गईं। वहां पर गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी ने उन्हें गैलरी में लगे चित्रों को दिखाया। वर्षों पुराने हाथ से बनी पेंटिंग को देखकर वित्तमंत्री हैरान रह गईं।
प्रबंधक ने उन्हें बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में कई चित्र यहां से लिए गए हैं। हाथ से और फूल-पत्तियों के रंग से बनाए गए श्रीकृष्ण लीला, श्रीराम लीला, दस महाविद्या समेत देवी-देवताओं के चित्रों, दीवारों पर लिखी गई संपूर्ण गीता व संतों के दोहे-चौपाई उनके चेहरे पर प्रसन्नता झलकने लगी। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अद्भुत है।
छह इंच डायामीटर की हस्तलिखित गीता को उन्होंने लेंस की मदद से पढ़ा। कहा कि यह बहुत ही अनोखी कलाकारी है। उन्होंने तमिल और मलयालम में छपे शिवपुराण को भी देखा। ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने वित्त मंत्री को अंग वस्त्र व तमिल में ''''साधक संजीवनी'''' पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया।
वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को ट्रस्टी देवीदयाल अग्रवाल ने अंग वस्त्र व हिंदी में ''''साधक संजीवनी'''' पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने गीता प्रेस के पदाधिकारियों के साथ एक यादगार तस्वीर भी खिंचवाई। इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी के साथ आयकर विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
महापुरुषों के बारे में बताए गीता प्रेस
वित्त मंत्री ने भ्रमण के दौरान सुदामा की एक फोटो देखी। इसको देखकर उन्होंने गीता प्रेस के पदाधिकारियों से कहा कि वे महापुरुषों के चरित्र के बारे में लोगों को जानकारी दें। उन्होंने कहा कि गीता प्रेस शुभ अवसर पर भेंट करने के लिए कार्ड भी बनाए, जिसमें भगवान के अलग-अलग स्वरूप की फोटो भी रहे। इस कार्ड को लोग जन्मदिन, विवाह या वैवाहिक वर्षगांठ पर भेंट कर सकेंगे। इससे लोगों के मन में पुराने जमाने की तस्वीरें भी रहेंगी।