मरीज काफी बीमार स्थिति में आया था। 14 दिनों तक उसका इलाज कही और चला था। मरीज में इंसेफेलाइटिस के लक्षण थे, इसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी। उन्हें बताया गया था की मरीज की स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है। परिजनों के कहने के बाद मरीज को भर्ती किया गया था। दिन में मरीज की हालत में सुधार था। अचानक मरीज की हालत बिगड़ गई, इसकी वजह से उसे बीआरडी रेफर करना पड़ा। इस पर परिजनों ने मौत की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया। जबकि मरीज की मौत नहीं हुई है। वह बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 100 नंबर वार्ड में भर्ती है। -डॉक्टर रश्मि राय, निदेशक रचित हॉस्पिटल