गोरखपुर। जिले में राजस्थान से गाड़ियों की फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनवाई जा रही है। लखनऊ से आई कंपनी की टीम की जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को अलीनगर की एक दुकान पर छापा मारकर गैंग के सरगना को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान गोरखनाथ क्षेत्र के रसूलपुर निवासी एहसान अली के रूप में हुई।
आरोपी ने बताया कि वह राजस्थान में किसी व्यक्ति के व्हाट्सएप नंबर पर गाड़ियों के नंबरों को भेजता था। पांच से सात दिन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनकर कूरियर के माध्यम से आ जाया करता था।
पुलिस ने एहसान अली को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे जेल भिजवा दिया गया। आरोपी ने कुछ और लोगों के नाम-पता बताए हैं, जिनके बारे में राजस्थान पुलिस की मदद से पता लगाने में पुलिस जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ की रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का ठेका मिला है। कंपनी के पास कई दिनों से गोरखपुर से फर्जी नंबर प्लेट की शिकायत आ रही थी। शिकायतकर्ता के माध्यम से कंपनी ने लखनऊ से टीम भेजकर गोरखपुर में अलीनगर स्थित नंबर प्लेट बनाने वाली दुकान के बारे जानकारी हासिल की।
फिर कंपनी के रीजनल हेड मोहम्मद सारिक ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर बताया कि अलीनगर की एक दुकान में फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाई जा रही है। बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस ने अलीनगर स्थित दुकान पर छापा मारकर फर्जी नंबर प्लेट के साथ एहसान अली को गिरफ्तार किया। दुकान से अवैध हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का उपकरण भी बरामद हुआ है।
आरोपी ने बताया कि एक हजार से लगायत 1500 रुपये में वह हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनवाता था। करीब छह माह से इस धंधे में शामिल था। उसने बताया कि राजस्थान से ही पूरे देश में फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाकर भेजे जा रहे हैं। पुलिस अब एहसान के साथ और कौन-कौन लोग इस अवैध धंधे में जुड़े हैं, उनके बारे में पता करने में जुटी हुई है। साथ ही राजस्थान में इस धंधे के मुख्य किरदार तक पहुंचने के लिए जिले की पुलिस ने राजस्थान पुलिस की मदद मांगी है।
वर्जन-
कंपनी की शिकायत पर कोतवाली में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस धंधे में जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए, कहीं से भी हाई सिक्योरिटी नंबर नहीं लगवाएं, अधिकृत जगह ही जाएं।
- कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी