गोरखपुर। शाहगढ़-मैलानी रेल लाइन उच्चीकरण का असल फायदा वर्षों से उपेक्षित पड़े गोरखपुर-कप्तानगंज-पडरौना रूट को मिला है। रेल प्रशासन ने इस गर्मी में पीलीभीत और लालकुआं तक खेती व मजदूरी के अलावा गर्मी की छुट्टियों में घूमने जाने वालों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
पिछले महीने ही मैलानी-शाहगढ़ रूट काे मीटर गेज से ब्राड गेज में बदला गया था। इसके बाद से ही इस रूट पर गोरखपुर से ट्रेन चलाने की चर्चा थी। रेल प्रशासन ने इस नए रूट के लिए जो ट्रेन प्रस्तावित की है, वह गोरखपुर-कप्तानगंज-पडरौना रूट के लिए भी फायदेमंद है। इस रूट पर एक ट्रेन छपरा-लालकुआं ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 20 अप्रैल को छपरा से एक फेरा के लिए चलाई जाएगी।
यह छपरा से सुबह 10 बजे, तमकुहीरोड से दोपहर 01:27 बजे, पडरौना से 02: 05 बजे, कप्तानगंज से 03.03 बजे और गोरखपुर से शाम 4:10 बजे छूटेगी। दूसरे दिन सुबह 05.10 बजे लालकुंआ पहुंचेगी। इसके बाद लालकुआं-हावड़ा-लालकुआं ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 25 अप्रैल से 27 जून तक प्रत्येक बृहस्पतिवार को और हावड़ा से 27 अप्रैल से 29 जून तक प्रत्येक शनिवार को 10 फेरों के लिए चलाई जाएगी।
यह विशेष गाड़ी लालकुआं से दोपहर दो बजे प्रस्थान कर किच्छा, भोजीपुरा, पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर, सीतापुर, बुढ़वल, गोंडा, बस्ती, खलीलाबाद होते हुए गोरखपुर पहुंचेगी। यहां से कप्तानगंज, पडरौना, तमकुहीरोड, थावे से छपरा के रास्ते हावड़ा जाएगी।
इस ट्रेन में एलएसएलआरडी का 01, साधारण द्वितीय श्रेणी के 03, शयनयान श्रेणी के 06, वातानुकूलित तृतीय इकोनामी श्रेणी के 05, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के 01 तथा वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के 01 कोच सहित कुल 18 एलएचबी कोच लगाये जाएंगे।
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खेती के साथ पयर्टन को मिलेगा बढ़ावा
पश्चिमी यूपी और पंजाब के प्रगतिशील किसान पीलीभीत और उसके आसपास खेती करते हैं। वहां पूर्वांचल और बिहार के बड़ी संख्या में लोग खेतों में काम करने जाते हैं। इसके अलावा हर साल तमाम प्रगतिशील किसान भी खेती में आ रहे बदलाव को देखने-समझने पीलीभीत जाते हैं। अभी तक गोरखपुर से कोई सीधी ट्रेन नहीं होने के चलते इन लोगों को बरेली से दूसरी ट्रेन या बस का सहारा लेना होता था। इसके चलते लोग पीलीभीत जाने से कतराते थे। लेकिन अब सीधी ट्रेन मिलने से लोगों को राहत मिलेगी।