चिड़ियाघर में गैंडों के जोड़ा हर और गौरी में नजदीकियां बढ़ गई हैं। इसकी वजह है वेटलैंड की घास। असम के जिस चिड़ियाघर से इन्हें लाया गया है, वहां भी इन्हें वेटलैंड की ऐसी ही घास मिलती थी। दोनों की उम्र और नजदीकी देख अब चिड़ियाघर प्रबंधन इनको ब्रीडिंग के लिए एक साथ रखने की तैयारी में है। ऐसा होने पर गोरखपुर के चिड़ियाघर में गैंडों का कुनबा भी बढ़ जाएगा।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर असम से गैंडों का जोड़ा मंगाया गया था। 19 मार्च 2022 को दोनों गैंडों को गोरखपुर लाया गया था। चिड़ियाघर के उप निदेशक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि हर और गौरी बाड़े में कई बार एक-दूसरे से लड़ते भी हैं लेकिन अकेले चारा नहीं खाते।
वे गुवाहाटी के जिस पार्क में थे, वहां इन्हें वेटलैंड की घास खाने को मिलती थी। ऐसे में इन्हें चिड़ियाघर में ही बने 30 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के वेटलैंड से घास खाने को दी जा रही है। डॉ. योगेश ने बताया कि इनकी जोड़ी में अब नजदीकियां भी बढ़ गई हैं। दोनों एक-दूसरे के साथ ही चारा खाते हैं। गौरी की उम्र ब्रीडिंग के लिए पूरी हो गई है। हर भी कुछ दिनों में तैयार हो जाएगा।