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UP: अधिकृत कूरियर बंद तो सीधे बस से भेज रहे सामान, रोडवेज में अवैध पार्सल का कारोबार फिर शुरू

Sat, 08 Aug 2026 02:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो रंजीत साहनी, गोरखपुर

सार

पहले बस स्टेशनों पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की ओर से अधिकृत कूरियर व्यवस्था संचालित होती थी। वर्ष 2012 से 2021 तक एवीजी लॉजिस्टिक्स फर्म ने यह काम संभाला। इसके बाद करीब तीन साल तक साइ श्रद्धा कार्गो ने व्यवस्था संचालित की लेकिन घाटे के चलते फर्म ने काम बंद कर दिया।
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रोजवेज बसों में सामान लादकर ले जाते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रोडवेज बसों में एक बार फिर अवैध तरीके से पार्सल और कूरियर भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। बस स्टेशनों पर अधिकृत कूरियर बुकिंग व्यवस्था बंद होने के बाद इसका फायदा चालक और परिचालक उठा रहे हैं। रोजाना लोग बस स्टेशन पहुंचकर सामान चालक-परिचालक को सौंप रहे हैं और तय रकम देकर उसे दूसरे शहरों तक भेज रहे हैं।

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पहले बस स्टेशनों पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की ओर से अधिकृत कूरियर व्यवस्था संचालित होती थी। वर्ष 2012 से 2021 तक एवीजी लॉजिस्टिक्स फर्म ने यह काम संभाला। इसके बाद करीब तीन साल तक साइ श्रद्धा कार्गो ने व्यवस्था संचालित की लेकिन घाटे के चलते फर्म ने काम बंद कर दिया।

दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक एवीजी लॉजिस्टिक्स ने काम किया लेकिन व्यवस्था आगे नहीं चल सकी। बताया जाता है कि अधिकृत व्यवस्था के दौरान रोजाना करीब 25 से 30 हजार रुपये तक की बुकिंग होती थी। एक से 20 किलो तक के सामान को करीब 100 किलोमीटर तक भेजने का शुल्क लगभग 100 रुपये था।
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बुकिंग करने वालों को करीब 30 प्रतिशत और डिलीवरी करने वालों को 10 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
बाद में कमीशन खत्म होने से कर्मचारियों और एजेंसी के लिए काम करना मुश्किल हो गया और व्यवस्था बंद हो गई। अब अधिकृत बुकिंग बंद होने के बाद लोग सीधे चालक और परिचालक से संपर्क कर रहे हैं।

रोज आती थी करीब 15 बुकिंग
गोरखपुर से लखनऊ, दिल्ली, देवरिया, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती और कुशीनगर समेत कई रूटों पर पार्सल भेजे जाने की जानकारी सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, पहले रोजाना करीब 15 बुकिंग मिलती थीं। अब वही सामान बिना किसी रिकॉर्ड के बसों से भेजा जा रहा है।

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