गोड़धोइया नाला में तेज बहाव से कटान, लोग परेशान
- एक घर की नींव से तीन फीट तक कट गई मिट्टी, ज्यादा बारिश हुई तो बढ़ेगी मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखुपर। मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण गोड़धोइया नाला भी उफना गया। पानी के तेज बहाव से नाला किनारे बने मकानों की मिट्टी में कटान होने लगा। जिन मकानों से सटकर नाला की खुदाई हुई हैं नींव की तरफ बारिश का पानी जाने से लोग परेशान हो गए।
फातिमा अस्पताल के सामने स्थित नगर निगम के रैन बसेरे के पास मिट्टी का कटान होने लगा है। यहां नाला के किनारे बने रणजीत सिंह के घर की नींव से करीब तीन फीट मिट्टी कटकर बह गई है। वहीं, रास्ते पर कीचड़ जमा होने से आवागमन में भी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश में नाले का बहाव काफी तेज हो जाता है। एसडीएम आई थीं तो उन्होंने आश्वासन दिया था कि संवेदनशील मकानों को कटान से बचाने के लिए लोहे के गर्डर लगाए जाएंगे या प्लास्टिक के बोरों में बालू भरकर रख दिया जाएगा। अभी तक इसकी व्यवस्था नहीं की गई है।
कोट-
विभाग ने नाला बनाते समय हमें नहीं बताया था कि कितनी खोदाई करेंगे। ज्यादा खोदाई के कारण मेरे मकान में दरार आ गई थी। प्रशासन ने मकान में गर्डर लगवाया था, कटाव के स्थल पर बोरियां भी रखी गई हैं। लेकिन मंगलवार की रात हुई बारिश से अब हमें फिर से चिंता होने लगी है।
अनीता श्रीवास्तव
गंदे पानी के सुरक्षित बहाव के लिए नाले को चौड़ा किया जा रहा है। कुछ घंटों की बारिश में ही स्पष्ट हो गया कि नाले का बहाव सुरक्षित नहीं है। नाले के बहाव को नियंत्रित नहीं किया गया तो हमारी परेशानी बढ़ जाएगी।
इंद्रजीत
बारिश के बाद से ही यहां का रास्ता कीचड़ से भर जाता है। हमारा घर से निकलना दूभर हो जाता है। आज अगर थोड़ी बारिश और हुई होती तो नाले का पानी रास्ते के ऊपर चढ़ जाता।
रोहन कुमार गुप्ता
प्रशासन ने हमसे कहा था कि संवेदनशील मकानों के कटान को रोकने के लिए लोहे के गर्डर लगाए जाएंगे या बोरियों को रखा जाएगा। अब जिम्मेदार ऐसा करने से मुकर रहे हैं।
रणजीत सिंह
कोट
संवेदनशील मकानों पर हमने लोहे के गर्डर लगवाए हैं, जिन मकानों में दिक्कत होगी वहां पर गर्डर लगवा दिया जाएगा। जहां मकान नहीं हैं वहां गर्डर लगाने का प्रावधान नहीं है। मैंने स्टाफ को मौके पर भेजा है। वास्तविक स्थिति का पता लगाकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रतनसेन सिंह, अधीक्षण अभियंता जलनिगम