- यूपीएससी की ओर से शहर के विभिन्न केंद्रों पर हुई ईपीएफओ की परीक्षा
- पहली पाली में 58.57 तो दूसरी में 59.83 फीसदी अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
गोरखपुर। यूपीएससी की ओर से रविवार को शहर के परीक्षा केंद्रों पर ईपीएफओ भर्ती की लिखित परीक्षा हुई। इसमें पहली पाली में कुल 32 केंद्रों पर तो दूसरी पाली में 33 केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को कुल दो घंटे का समय दिया गया था। बहुविकल्पीय प्रश्नों के फेर में कोई सवालों में उलझा रहा तो किसी ने सवाल सुलझा लिए। लिखित परीक्षा में निर्धारित अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
यूपीएससी की ओर से आज पहली पाली की परीक्षा सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े 11 बजे तक कुल 22 केंद्रों पर हुई। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक कुल 33 केंद्रों पर हुई। परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को 2 घंटे का समय प्रदान किया गया था जिसमें सभी बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे गए थे। इसमें प्रवर्तन अधिकारी (ईओ), लेखा अधिकारी (एओ) और सहायक भविष्य निधि आयुक्त ( एपीएफसी ) के पदों के लिए उम्मीदवार चुने जाएंगे। इस परीक्षा को पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
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पहली पाली में 58.57 व दूसरी पाली में 59.83 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित
शहर में हुई परीक्षा में पहली पाली में कुल 15683 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें 6497 ही उपस्थित रहे। प्रशासन के मुताबिक कुल 58.57 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। दूसरी पाली में 16025 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिनमें 6437 ने परीक्षा दी। जबकि 9588 लोग अनुपस्थित रहे। इसमें कुल 59.83 फीसदी अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति रही।
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इतने अंक करने होंगे प्राप्त
ईपीएफओ परीक्षा में सफलता के लिए न्यूनतक अंक पाने का नोटिफिकेशन यूपीएससी ने जारी किया है। इसमें जनरल एवं ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए 50 या उससे अधिक, ओबीसी वर्ग को 45 या उससे अधिक तथा एससी/ एसटी/ पीडब्ल्यूडी को 40 या उससे अधिक अंक पाना होगा।
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सामान्य योग्यता परीक्षण का था प्रश्नपत्र
ईपीएफओ परीक्षा में पहला प्रश्नपत्र सामान्य योग्यता परीक्षण का था। इसमें आए सवालों से कुछ ने सुलझा लिया तो कुछ लोग उलझकर रह गए। सामान्य योग्यता परीक्षा में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, 1773 के एक्ट, भारत सरकार के अधिनियमों, दिनेश गोस्वामी समिति 1990 सहित कई सवाल पूछे गए थे। अभ्यर्थियों ने बताया कि कुल 120 प्रश्न पूछे गए थे। इसमें सामान्य अंग्रेजी, भारत में सामाजिक सुरक्षा, भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान औद्योगिक संबंध और श्रम कानून, विकासात्मक, कंप्यूटर का ज्ञान और वर्तमान घटनाओं पर आधारित प्रश्न थे।
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परीक्षा के प्रश्न मिले जुले थे। कुछ सवाल कठिन आए तो कुछ आसान रहे। सामान्य अध्ययन के सवालों में सहूलियत रही। करीब-करीब हर सवाल का जवाब दिया गया है।
ओम प्रकाश सिंह
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सामान्य लेखा सिद्धांत और इतिहास के प्रश्नों में कुछ दिक्कत हुई। बाकी अन्य सन्य सवाल मिले जुले रहे। मानइस मार्किंग की वजह से हर सवाल का सोच समझकर जवाब दिया गया है।
कृष्ण कुमार गुप्ता
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सामान्य अंग्रेजी के प्रश्नों का जवाब देने में दिक्कत नहीं हुई। लेकिन भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के सवालों ने उलझा दिया था। हालांकि इसकी पहले से तैयारी करने का फायदा भी मिला।
आकृति त्रिपाठी
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कानूनों से संबंधित प्रश्नों के आसानी से हल कर लिया गया है। मिश्रित प्रश्न पत्र रहे हैं। फ्राॅड के मामलों में ऑडिटर की ओर से रिपोर्टिंग कब की जाती है सहित अन्य सवाल पूछे गए थे।
तानिया उपाध्याय