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Gorakhpur News: टीकाकरण से नियंत्रण में आया इंसेफेलाइटिस...अब उन्मूलन की तैयारी

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इंसेफेलाइटिस पर इस साल होगा अंतिम प्रहार, अप्रैल से लेकर अक्तूबर तक चलेगा विशेष अभियान
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। टीकाकरण और साफ-सफाई से जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) अब नियंत्रण में आ चुकी है। पिछले तीन साल में इस बीमारी से कोई मौत नहीं हुई है। अब इस बीमारी के उन्मूलन की घोषणा होनी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दो दिन पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री इसकी चर्चा भी कर चुके हैं। इस साल अप्रैल से लेकर अक्तूबर तक इस बीमारी के प्रसार व इलाज की विशेष निगरानी होगी। इस दौरान अगर कोई मौत नहीं हुई तो तब इस बीमारी के उन्मूलन की घोषणा की जा सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1978 में पहली बार दस्तक देने वाली इस विषाणु जनित बीमारी ने करीब चार दशक तक कहर बरपाया। चपेट में आने के बाद अधिकांश तो काल के गाल में समा गए, लेकिन जो किसी तरह से बच गए वे जीवन भर के लिए दिव्यांग हो गए। लेकिन, इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए जब से टीकाकरण और स्वच्छता पर ध्यान दिया गया, तेजी से पीड़ितों की संख्या कम होने लगी है। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2017 में गोरखपुर मंडल में जेई के कुल 389 मरीज थे, जिनमें से 51 की मौत हो गई थी। जबकि 2023 में एक भी मरीज की मौत नहीं हुई।
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ईटीसी से मेडिकल कॉलेज तक हो रही निगरानी
बीमारी के उन्मूलन के लिए जो योजना बनाई गई है, इसके तहत अप्रैल से अक्तूबर के बीच तीन बार दस्तक अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा। जेई व एईएस के लक्षण के अलावा बुखार व झटका के सभी मरीजों को ईटीसी (इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर) में भर्ती कर इलाज हो रहा है। सीएचसी-पीएचसी स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ मिनी पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) की व्यवस्था है। जिला अस्पताल में भी अलग वार्ड बनाकर इलाज व गंभीर मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर करने की व्यवस्था बनाई गई है। इसकी नियमित निगरानी भी हो रही है। इस साल भी अप्रैल से लेकर अक्तूबर तक विशेष निगरानी होगी। इसकी तैयारियों पर चर्चा के लिए शुक्रवार को कमिश्नर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की एक बैठक भी हुई, जिसमें तैयारियों परा चर्चा हुई।
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इंसेफेलाइटिस पर अब अंतिम प्रहार की तैयारी है। इसके लिए स्वच्छता और टीकाकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जेई का टीकाकरण गोरखपुर मंडल समेत पूर्वांचल के 18 जिलों में मुख्य कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
आईबी विश्वकर्मा-एडी हेल्थ गोरखपुर मंडल


गोरखपुर में एईएस और जेई की स्थिति
वर्ष मरीजों की संख्या - मृतकों की संख्या
2018 435 40
2019 262 15
2020 227 13
2021 240 15
2022 96 3
2023 47 0
––

गोरखपुर में जेई पॉजिटिव
वर्ष मरीजों की संख्या- मृतकों की संख्या
2018 35 2
2019 35 5
2020 13 2
2021 12 0
2022 11 0
2023 0 0
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