बीआरडी मेडिकल काॅलेज में अब दो नहीं एक ही जगह इमरजेंसी सेवा चलेगी। ट्रामा एवं इमरजेंसी वार्ड में ही मेडिसिन विभाग की इमरजेंसी सेवा भी शिफ्ट कर दी गई है। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड में रेजिडेंट डाॅक्टरों की शिफ्टवार ड्यूटी भी लगने लगी है। डॉक्टरों की मौजूदगी की जिम्मेदारी विभागाध्यक्षों की होगी।
मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल से मरीजों को बेचने का मामला तूल पकड़ने के बाद कॉलेज प्रशासन ने इसमें सुधार के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। पहले ट्रामा सेंटर में सर्जरी, गायनी, आर्थो व एनेस्थीसिया की टीम रहती थी। मेडिसिन के रोगियों को पर्ची बनाकर सीधे 11 नंबर इमरजेंसी वार्ड में भेज दिया जाता था।
ट्रामा सेंटर से मेडिसिन वार्ड के बीच में ही दलाल उन्हें गुमराह कर देते थे। इस पर रोक लगाने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि अब ट्रामा एवं इमरजेंसी में ही मेडिसिन विभाग के भी डॉक्टर रहेंगे। उपचार शुरू होने के बाद रोगियों को वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अस्पताल आए मरीजों का उचित उपचार हो सके, इसके लिए डॉक्टरों की मौजूदगी पर निगरानी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।
प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार आर्या ने कहा कि हमने सुधार के लिए जो भी जरूरी प्रयास हैं, वह शुरू किए हैं। जल्द ही व्यवस्था में बदलाव दिखेगा।