चिलुआताल इलाके के मोहम्मदपुर माफी गांव में हाथी के कुचलने से हुई तीन लोगों की मौत के मामले में परिजनों ने तहरीर देने से इन्कार कर दिया है। उनका कहना है कि जो प्रभु की इच्छा थी, वह हो गया, किसी को दोष नहीं दे सकते, पुलिस को तहरीर नहीं देंगे। वह कार्रवाई नहीं चाहते हैं। उधर, तहरीर नहीं आने का हवाला देकर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। एसपी का कहना है कि तहरीर आएगी तो जांच करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, हादसे में मृत कौशल्या, उनके नाती कृष्णा और कांती का शुक्रवार को दाह संस्कार कर दिया गया। नम आंखों से गांव वालों ने अंतिम विदाई दी। सबके जुबां पर एक ही बात थी कि गांव में इस तरह की घटना कभी नहीं हुई, जबकि हर पांच साल में गांव में महायज्ञ का आयोजन किया जाता है। शुक्रवार सुबह 11 बजे कौशल्या का दाह संस्कार किया गया। उसी घाट पर एक बजे कांती की अंत्येष्टि हुई। चार साल के मासूम कृष्णा को मिट्टी में दफन किया गया।