गोरखपुर मंडल में 31 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली निगम तलाश करेगा। तीन वर्ष में इन उपभोक्ताओं ने बिजली कनेक्शन को लिया, लेकिन इनका बिजली बिल नहीं बना। इन्हें ना बिलिंग कंपनी खोज सकी और न क्षेत्र के अभियंताओं ने इन्हें तलाशना जरूरी समझा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एमडी ने चार दिन पहले बिलिंग कंपनी और मंडल के मुख्य अभियंताओं संग बैठक की थी। निर्देश दिए कि 30 दिंसबर तक इन बिलों को नॉन ट्रेसेबल (गणन से बाहर) से खोजकर बिल बनाना है।
बिजली निगम इन उपभोक्ताओं को लेकर परेशान है। लगातार टीम अपने स्तर से इनका पता लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन नहीं लगा पा रहा है। दरअसल, बैठक में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, ये उपभोक्ता आज भी बिजली उपभोग करते हैं और इनका बिल भी बनता है। लेकिन भुगतान नहीं होता।
निगम भी अपनी तरफ से योजना चलाकर कुछ दिन बिजली के उपभोक्ताओं का पता ढूंढती है, लेकिन बाद में शांत होकर बैठ जाती है। बिलिंग एजेंसी के पास नाम पता होने और उपभोक्ताओं के परिसर पर कनेक्शन जारी करने के बाद भी इन्हें नहीं खोजा जा सका है। ऐसे में इनसे बिजली बिल जमा करवाना एक बड़ी चुनौती होगी।
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने बताया कि इन लापता उपभोक्ताओं की तलाश की जाएगी। हालांकि, इसमें बिलिंग कंपनी की तरफ से भी लापरवाही है। फिर भी रिकार्ड के मुताबिक, बिलिंग एजेंसी टीम स्थानीय अभियंताओं के साथ अपनी क्षेत्र में इन कनेक्शनों की तलाश करेंगे।
आंकड़े
ग्रामीण प्रथम- 10,858 उपभोक्ता
द्वितीय- 6336 उपभोक्ता
देवरिया- 4667 उपभोक्ता
कुशीनगर- 6261 उपभोक्ता
महाराजगंज- 2138 उपभोक्ता