नौसड़-पैडलेगंज सिक्सलेन, खजांची एवं देवरिया बाईपास रोड पर शटडाउन न मिलने से काम प्रभावित
बिजली कटौती होने पर हंगामे के डर से बिजली निगम नहीं दे पा रहा शटडाउन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के तीन ओवरब्रिज और सड़क निर्माण की रफ्तार बिजली के खंभों के चलते थम गई है। इन खंभों और तार को शिफ्ट करने के लिए शटडाउन की जरूरत है। गर्मी को देखते हुए बिजली निगम ने लंबा शटडाउन देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक मौसम में बदलाव नहीं होगा, काम की रफ्तार नहीं बढ़ पाएगी।
इस समय नौसड़-पैडलेगंज सिक्सलेन पर ओवरब्रिज, सिक्सलेन से देवरिया बाईपास ओवरब्रिज और खजांची- बरगदवां ओवरब्रिज एवं सड़क का निर्माण हो रहा है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने बिजली निगम की निगरानी में खुद ही खंभे-तार शिफ्ट करने का कार्य शुरू किया है। मुश्किल यह है कि लोक निर्माण विभाग को जरूरत के हिसाब से बिजली का शटडाउन नहीं मिल पा रहा है। जब तक बिजली के खंभे और तार शिफ्ट नहीं होंगे, ओवरब्रिज के काम में तेजी नहीं आएगी।
वहीं, बिजली निगम के अधिकारियों के सामने गर्मी में लंबे समय तक बिजली की कटौती करना बड़ी चुनौती है। नौसड़-पैडेलेगंज सिक्सलेन में 2226 मीटर ओवरब्रिज निर्माण में 37 प्रतिशत कार्य हो चुका है। 77 पिलर में 11 का काम शुरू नहीं हो पाया है। इन स्थानों पर खंभे से खींचे गए बिजली के तार और अंडरग्राउंड केबल को शिफ्ट करने की आवश्यकता है।
देवरिया बाईपास फोरलेन : सड़क के बीच में हैं बिजली के खंभे
सिक्सलेन के ओवरब्रिज से देवरिया बाईपास फोरलेन का ओवरब्रिज भी जुड़ना है। देवरिया बाईपास के लिए 432 मीटर ओवरब्रिज बनाया जाना है, जिसके लिए खंभे और तार हटाने की जरूरत है। इस सड़क पर कई स्थानों पर नए खंभे लगाए गए हैं, लेकिन सड़क के बीच में पुराने खंभे होने के कारण कार्य की गति धीमी हो गई है। इसी तरह 604 मीटर लंबे खजांची ओवरब्रिज में 56 प्रतिशत कार्य हो चुका है, जिसमें खजांची से स्पोर्ट्स कॉलेज रोड पर 300 मीटर ब्रिज का निर्माण पांच माह से अटका है। जहां से ओवरब्रिज के आगे का काम शुरू होना है, वहीं लाइन गुजरी हुई है।
वर्जन
तीनों प्रोजेक्ट में कार्य किए जा रहे हैं। बिजली निगम की ओर से जितने समय शटडाउन मिल रहा है, उतने समय तक खंभे-तार हटाए जा रहे हैं।
- अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
शहरी क्षेत्र में गर्मी के मौसम में सड़क निर्माण के लिए लगातार बिजली कटौती नहीं की जा सकती है। दिन में एक दो घंटे शटडाउन दिया जा रहा है ताकि सड़क निर्माण होता रहे और उपभोक्ताओं को भी ज्यादा तकलीफ न हो।
- आशु कालिया, मुख्य अभियंता, बिजली निगम