शहर में तीन स्थानों पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसका निर्माण अब शासन स्तर से होगा। इसके लिए नगर निगम ने चिन्हित भूमि का ब्योरा शासन को उपलब्ध करा दिया है। जल्द ही शासन स्तर से सभी नगर निगम क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन के निर्माण के लिए फर्म का चयन किया जाएगा।
पहले नगर निगम प्रशासन खुद इसका निर्माण कराने वाला था। इसके लिए रिक्वेस्ट फाॅर प्रपोजल (आरएफपी) भी आमंत्रित कर लिया गया था। तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों को देखते हुए नगर निगम ने दो माह पहले महानगर में तीन स्थानों पर पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बनाने का निर्णय किया था।
इसी क्रम में गुलरिहा, गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव आवास के सटे पूरब में और हुमायूंपुर में नगर निगम ने एक-एक हजार वर्ग मीटर जमीन भी चिन्हित की गई थी। इन चार्जिंग स्टेशन पर स्लो, माडरेट और फास्ट चार्जर की सुविधा प्रस्तावित थी। इसके अलावा बैटरी स्वैपिंग स्टेशन का भी निर्माण किया जाना था।
यहां यह भी सुविधा देने का निर्णय हुआ था कि कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन चालक अपनी डिस्चार्ज की गई बैटरी या आंशिक रूप से डिस्चार्ज की गई बैटरी को चार्ज की गई बैटरी से बदल सके। अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि जल्द ही शासन स्तर से सभी नगर निगम क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन के निर्माण के लिए फर्म का चयन किया जाएगा।