गोरखपुर के चौरीचौरा पुलिस की एक कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। पिछले एक साल से नारी निकेतन में बंद किशोरी को यह कहते हुए पाबंद कर दिया गया कि उससे चुनाव में शांति भंग की आशंका है। किशोरी की मां ने एसएसपी को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
छह माह पहले शत्रुध्नपुर गांव के एक नाबालिग किशोर पर दर्ज मारपीट के केस में तत्कालीन हलका दरोगा ने उसे सीआरपीसी की धारा 110 (2) में निरुद्ध कर दिया था। अब किशोरी को पाबंद किए जाने से चौरीचौरा पुलिस की किरकिरी हो रही है।।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र के महुअवा बुजुर्ग गांव की रहने वाली किशोरी की मां ने एसएसपी से शिकायत कर कहा है कि एक सप्ताह पूर्व उसके पास चौरीचौरा पुलिस सीआरपीसी की धारा 107, 116 का नोटिस लेकर आई और हस्ताक्षर बनवाने के बाद कहा कि तहसील पर जाकर जमानत करा लेना।
निरुद्ध करने वाले दरोगा ने बेटी, पति और दो लड़कियों पर कार्रवाई की है। जबकि नाबालिग पिछले फरवरी 2023 से नारी निकेतन में निरुद्ध है। दरोगा ने पाबंदी की कार्रवाई नवंबर 2023 में की है, जबकि नोटिस चार माह बाद आया है। अब सवाल यह उठता है कि जब एक नाबालिग नारी निकेतन में है तो उससे खतरा किसको हो सकता है और उसकी पाबंदी कैसे की जा सकती है।
सीओ चौरीचौरा नितिन तनेजा ने बताया कि यह गंभीर मामला है। जब आरोपी एक साल से नारी निकेतन में है तो उसकी पाबंदी कैसे की गई। इसकी जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।