बांसगांव (गोरखपुर)। बांसगांव थाना क्षेत्र के फुलहर गांव में शुक्रवार की सुबह जमीन के विवाद में दुर्गावती (60) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वहीं पिटाई से घायल बेटे संजय (28) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों पर हत्या, मारपीट व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर दो को हिरासत में ले लिया है।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस पर गंभीर आरोप
उधर, इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस पर गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि मारपीट में घायल मां-बेटे को परिजन अस्पताल ले गए थे, लेकिन वहां से कानूनी कार्रवाई की बात कहते हुए थाने भेज दिया गया। थाने में इंतजार में बैठीं बुजुर्ग की तबीयत अचानक खराब हो गई। वह बेहोश हो गईं तो उसे स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, फरसाड़ गांव निवासी दुर्गावती के ससुर ने दो हजार रुपये में कुछ साल पहले अपने पट्टीदार को जमीन रेहन पर दी थी। परिजनों का कहना है कि अब वह ब्याज सहित रुपये दे दिए हैं, लेकिन जमीन से पट्टीदार कब्जा नहीं हटाना चाहते हैं। इसी बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। शुक्रवार की सुबह सात बजे दुर्गावती और बेटा संजय विश्वकर्मा चाय पी रहे थे।
जमीन विवाद में हुआ झगड़ा
दोनों के बीच खेत में फसल और कब्जा किए हुए खेत के बारे में बात हो रही थीं, तभी पट्टीदार अंकित, उसकी मां, बहन और तीन अन्य लोग आ गए और जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इस दौरान धारदार हथियार से हमले की वजह से संजय का सिर फट गया और दुर्गावती को अंदरूनी चोटें आईं।
शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए तो आरोपी फरार हो गए। आरोपी सीधे थाने पहुंचे और प्रार्थना पत्र देकर खुद को पीड़ित बताने लगे। इधर, मारपीट में घायल मां-बेटे को लेकर परिजन स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए, लेकिन इलाज की जगह सीधे थाने से कागज लेकर आने की बात कही गई। फिर सभी थाने पहुंच गए। पुलिस बातचीत कर रही थी कि महिला ने चक्कर आने की बात कही और वह गिरकर बेहोश गईं। इसके बाद आनन-फानन पुलिस सबको लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, लेकिन दुर्गावती की मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने तत्काल संजय की तहरीर पर केस दर्ज कर प्रार्थना पत्र लेकर आए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
एक दरोगा की कार्रवाई पर उठ रहा सवाल
बांसगांव थाने में तैनात एक दरोगा पर संजय ने आरोप लगाया है। आरोप है कि दरोगा एकतरफा कार्रवाई करता है। इसके पहले भी प्रार्थना पत्र देने पर उसने दुर्गावती का पक्ष नहीं सुना था। महिला 15 जुलाई को समाधान दिवस में भी गई थीं, लेकिन वहां पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि मारपीट में घायल युवक अपनी मां व पत्नी के साथ थाने पर आए थे। महिला को कोई जाहिरा चोट नहीं थी। पुलिस बातचीत कर घटना की जानकारी ले रही थी। इसी दौरान महिला ने सिर में दर्द होने की बात कही। पुलिस तत्काल उनको स्वास्थ्य केंद्र ले गई, लेकिन उनकी मौत हो गई। उधर, आरोपी पहले ही थाने पहुंचे थे। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।