फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया से मऊ बुजुर्ग गांव के लोग परेशान...दो हिस्से में बंटेगा गांव टूटेंगे मकान

विज्ञापन
विज्ञापन
- गांव के एक हजार घरों के रहने वालों की नींद गायब, आवाजाही में होगी परेशान, दर्ज कराएंगे आपत्तियां
विज्ञापन

सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन के लिए सर्वे के बाद नोटिफिकेशन जारी

संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर (झुमिला बाजार)। सहजनवां-दोहरीघाट रेल मार्ग के जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया से गोला तहसील के मऊ बुजुर्ग गांव की करीब एक हजार आबादी की नींदें उड़ गई हैं। सर्वे के बाद जमीन अधिग्रहण के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, उसमें 14 गाटा संख्या ऐसे हैं, जिन पर लोगों के पुश्तैनी मकान बने हुए हैं। इसके अलावा दो नंबरों पर देव स्थान हैं। प्रस्तावित लाइन के दोनों तरफ आबादी है, जो भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही के दौरान परेशान रहेगी। एक ही गांव के लोग दो हिस्सों में बंट जाएंगे। परेशान ग्रामीणों ने किसी अधिवक्ता से राय ली है तो उसने इन्हें प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराने का सुझाव दिया है।
सहजनवां-दोहरीघाट रेल मार्ग का निर्माण जल्दी शुरू करने का दबाव है। वजह यह कि इस लाइन के किनारे ही धुरियापार का नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है। इस प्रस्तावित लाइन के किनारे ही अदाणी समूह को सीमेंट फैक्टरी के लिए जमीन आवंटित की जानी है। इसलिए सहजनवा और गोला तहसील प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
विज्ञापन

गांव के पूर्व प्रधान प्रसिद्ध नारायण दूबे ने बताया कि पहले जो सर्वे हुआ था, उसके अनुसार नई लाइन आबादी के करीब से गुजर रही थी। उस दौरान आपत्ति की गई और हम लोगों ने अफसरों से यह कहा कि इस लाइन को आबादी से थोड़ा और दूर किया जाए, जिससे कि लोगों को परेशानी न हो। इसके बाद दूसरे सर्वे में यह लाइन आबादी के बीच से होकर गुजर रही है। करीब 10 दिन पहले गुपचुप तरीके से इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई। अब जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो सब अवाक रह गए। ग्रामीणों का कहना है कि अभी जो खाता नंबर प्रकाशित हुए हैं, उसके अनुसार त्रियुगी नाथ दुबे, अनूप कुमार दुबे, आशुतोष दुबे, राम गुलाम दुबे, रामाश्रय दुबे, बुद्धिसागर दुबे, अरविंद दुबे, दीप नारायण दुबे, रामदास दुबे, ओंकार दुबे, विजय कुमार दुबे, वीरेंद्र दुबे, अरुण दुबे, योगेन्द्र दुबे, गणेश गौड़ के मकान जिस जगह बने हैं, नई लाइन उसी से होकर गुजरेगी। लिहाजा इन मकानों को तोड़ना पड़ेगा। इसके अलावा गांव के एक तरफ स्थित डीह स्थान और दूसरी तरफ स्थित मां काली देवी का स्थान भी तोड़ना पड़ेगा। जिनके घर टूटेंगे वे तो परेशान हैं ही, बाकियों की चिंता यह है कि घर के ठीक सामने से रेल लाइन गुजरेगी तो रोज ही तनाव बना रहेगा।
परेशान ग्रामीणों की तरफ से शनिवार को तहसील पहुंचकर पूर्व प्रधान प्रसिद्ध नारायण दुबे ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा। अपने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि पिछला सर्वे आबादी के बाहर से लाइन बिछाने का हुआ था, लेकिन इस बार के सर्वे में आबादी के बीच से रेल लाइन बिछाने की बात कही जा रही है। ऐसे में इस सर्वे के बाद इससे गांव के लोग काफी परेशान हैं।
-
कोट-
ग्रामीणों ने करीब चार-पांच दिन पहले ऐसी शिकायत की थी। उन्हें बताया गया कि रेल लाइन के लिए सर्वे या अन्य ब्यौरा हमारे यहां नहीं है। अधिसूचना में ही इसका उल्लेख है कि यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह सक्षम प्राधिकारी/विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के निस्तारण के बाद ही अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होती है।
विज्ञापन

बृजमोहन शुक्ला-तहसीलदार, गोला

कोट-
नोटिफिकेशन जारी करने के पीछे की मंशा ही यही है कि लोगों को अधिग्रहण से संबंधित मामलों की पहले ही जानकारी हो और उस पर यदि उन्हें किसी प्रकार की आपत्ति है तो सक्षम अधिकारी के सामने अपनी बात रखें। शिकायतों की जांच व निस्तारण के बाद फिर से नया नोटिफिकेशन जारी किया जाता है। इसलिए लोग अपनी आपित्तयां दर्ज कराएं, जिससे कि उनका निस्तारण किया जा सके।
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ- पूर्वोत्तर रेलवे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें