गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आमजन एवं छात्रों के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगी है। छात्रों की एकेडमिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक भवन के पास हेल्प डेस्क का गठन किया गया है। यहां समस्याएं लेकर पहुंचने वाले विद्यार्थियों की भीड़ भी लग रही है। लेकिन मदद नहीं मिलने पर कई छात्र इसे छलावा बता रहे हैं।
गोरखपुर विश्वविद्यालय व उससे संबंद्ध महाविद्यालयों के छात्र मार्कशीट संबंधी त्रुटि, डिग्री, प्रोविजनल समेत अन्य समस्याओं को लेकर दूर दराज क्षेत्रों से प्रशासनिक भवन पहुंचते हैं। हाल ही में हुए विवाद के बाद कुलपति के निर्देश पर प्रशासनिक भवन में आमजन एवं छात्रों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रशासनिक भवन के पश्चिम तरफ पुलिस चौकी के पीछे पांच काउंटर खोले गए हैं। जिससे की छात्र बाहर से ही अपना काम कराकर चले जाएं।
इन्हीं काउंटरों में से एक हेल्प डेस्क है। यह काउंटर मंगलवार से सक्रिय है। काउंटर पर सूचना केंद्र से जुडे एक कर्मचारी की तैनाती की गई है। बुधवार को दूर-दराज क्षेत्र से आए छात्र समस्या लेकर काउंटर पर पहुंचे तो कर्मचारी उचित मार्गदर्शन करने की जगह उन्हें टालता नजर आया। देवरिया जिले के एक महाविद्यालय से छात्र काउंटर पर पहुंचा और उसने मार्कशीट में छपे नाम में संशोधन की प्रक्रिया के बारे में पूछा तो उसे संबंधित कॉलेज से संपर्क करने की सलाह दी गई।
बड़हलगंज क्षेत्र के रहने वाले नीरज ने 15 दिन पहले डिग्री के लिए आवेदन करने की बात कही तो उनको फिर से 15 से 20 दिन बाद आकर संपर्क करने की सलाह दी गई। कमोबेश यही हाल काउंटर पर पहुंचने वाले हर छात्र के साथ हुआ।
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विश्वविद्यालय प्रशासन का यह है दावा
छात्रों की समस्याओं के निस्तारण के संबंध में सारी जानकारी हेल्प डेस्क के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। प्रोविजनल, डिग्री, माइग्रेशन एवं अन्य समस्याओं का निस्तारण काउंटर से किया जाएगा।
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पहले भी खोला गया था हेल्प डेस्क
गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में छात्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए चार-पांच माह पहले भी हेल्प डेस्क खोला गया था। कुछ दिन यह काउंटर सक्रिय रहा लेकिन धीरे-धीरे निष्क्रिय हो गया।