महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन कार्यक्रम में बोले राज्यसभा के उपसभापति
कहा-यूपी में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में नकल रोकने का हुआ प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि शिक्षा ही गरीबी को दूर करने का एकमात्र जरिया है। पहले किसी समृद्ध परिवार में पैदा होने वाला ही समृद्ध होता था, लेकिन 21वीं सदी में कोई भी व्यक्ति शिक्षा से समृद्ध बन सकता है। शिक्षा ने भाग्य आधारित समृद्धि के पुराने रास्ते की अवधारणा को बदल दिया है।
उपसभापति रविवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 91वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षा से यशगाथा लिखने के संदर्भ में इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति का उद्धरण देते हुए कहा कि शिक्षा के बूते ही उन्होंने दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनी बना डाली।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने शिक्षण संस्थानों के कारण ही आज दुनिया की महाशक्ति बना हुआ है। दुनिया को बदलने वाले अनुसंधान शिक्षण संस्थाओं से ही निकलते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस शिक्षा परिषद में बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक विकास के साथ चरित्र निर्माण का जो काम होता है वह शायद ही दुनिया में कहीं और होता होगा।
उपसभापति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में नकल रोकने का बड़ा प्रयास हुआ है। यूपी में एक दौर ऐसा भी आया था जब परीक्षार्थी से अधिक नकल करने वाले दिखते थे। यह प्रतिभाओं के साथ अन्याय था। नकल विहीन परीक्षा से प्रतिभाओं को मौका मिला है और इससे यूपी के विद्यार्थी दुनिया में रहनुमाई करेंगे। कहा कि सीएम योगी की पहल पर उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर नए शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और बच्चों की उपस्थिति भी विद्यालयों में बढ़ी है।