गोरखपुर। आज की महिलाएं सफलता के नए आयाम रच रही हैं। पढ़ी-लिखी बेटी दो घरों को रोशन करती है। ये बातें डॉक्टर रूप कुमार बनर्जी ने कहीं। वह भगता गांव में स्थित मां भवानी सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण एवं महिला स्वावलंबन केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला स्वावलंबन का अर्थ केवल आर्थिक आत्म निर्भरता नही। बल्कि, जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वतंत्रता से है। एक महिला गृहणी होते हुए भी स्वावलंबी होती है। स्वावलंबन का अर्थ मात्र नौकरी, व्यवसाय अथवा किसी प्रोफेशन के माध्यम से धन अर्जित करना नही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अरविंद कुमार सिंह, मनोज, संजय मिश्रा, सुनीता सलोनी, रीत आदि उपस्थित रहीं। संवाद