पांच जुलाई को पड़ने वाला साल का तीसरा उपच्छाया चंद्र ग्रहण कर्क, तुला, कुंभ एवं मीन राशि को छोड़ बाकी राशियों को प्रभावित करेगा।
ज्योतिषियों के मुताबिक इसका धार्मिक महत्व अत्यंत कम, लेकिन खगोलीय महत्व बना रहेगा। ज्योतिषी पंडित शरद चंद्र मिश्र कहते हैं कि यह ग्रहण धनु राशि पर है, इसलिए धनु राशि और पूर्वाषाढ़ यथा उत्तराषाढ़ में पैदा हुए व्यक्तियों को क्षति पहुंचा सकता है।
किस राशि पर कैसा पड़ेगा प्रभाव
मेष : अपमान, सामाजिक दुराव, स्वजनों से कष्ट की प्राप्ति।
वृष : मृत्युतुल्य कष्ट, दुर्घटना, रोग और शारीरिक व्याधि की संभावना है।
मिथुन : पीड़ा, धन हानि की स्थिति एवं कार्यों में अवरोध पड़ेगा।
कर्क: सब प्रकार से सुख की प्राप्ति का सुयोग। अर्थ लाभ भी होगा।
सिंह: चिंता, मानसिक तनाव और अवसाद।
कन्या: व्याघात, छल-प्रपंच के शिकार होंगे। साझेदारों से धन हानि होगी।
तुला: श्री प्राप्ति, धन वृद्धि का सुयोग, कारोबार में समुन्नति मिलेगी।
वृश्चिक : क्षति, कारोबार में घाटा, पूर्व से चल रहे कार्यों में बाधा आएगी।
धनु: शारीरिक कष्ट मिलेगा। बनते कार्यों में संकट।
मकर : हानि की संभावना, पैसा व्यर्थ में व्यय होगा।
कुंभ: लाभ प्राप्ति की स्थिति, कारोबार में सफलता, मन में प्रसन्नता का समावेश होगा।
मीन : हर प्रकार से सुख और प्रसन्नता की स्थिति बनेगी।