गोरखपुर। महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़ के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार राव ने कहा कि महाविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास व पारस्परिकता पूर्ण कार्य से महाविद्यालय के उत्तम निष्पादन तक पहुंचा जा सकता है। विद्यार्थियों व शिक्षकों को ई- लाइब्रेरी व सोल सॉफ्टवेयर से जुड़कर पुस्तकों से लाभान्वित होना चाहिए। जिससे अनुसंधानकर्ताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चला जा सके। डॉ. राव महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बहुत पवित्र मन से महाविद्यालय की योजनाओं के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा गोद लिए गए विद्यार्थियों के शैक्षिक और सामाजिक सफलता के लिए ईमानदारी से शिक्षकों को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। प्राथमिक उपचार केंद्र की समीक्षा करते हुए महाविद्यालय के बेहतर आचरण के अंतर्गत प्रार्थना सभा व छात्र परिषद की विकास यात्रा व महत्ता को स्पष्ट किया। कहा कि छात्र संघ एक दूरगामी दृष्टि को लेकर बनाई गई योजना है। जिसमें विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास केंद्र में होता है। यदि इसे ईमानदारीपूर्वक संचालित किया जाए तो विद्यार्थी का एक उत्तम व्यक्तित्व विकास संभव हो सकेगा।
डॉ0 विजय चौधरी ने कहा की स्नातक के विद्यार्थियों के मुख्य विषयों के चयन के बाद माइनर इलेक्टिव से एक, को- करिकुलम से एक व वोकेशनल से एक विषय का चयन करना अनिवार्य है। डॉ0 हनुमान प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि पिछले सत्र में परिग्रहण के अनुसार पुस्तकों की संख्या 32719, वर्तमान सत्र में क्रय की गई पुस्तकों की संख्या 653, वर्तमान सहायतार्थ प्राप्त की गई पुस्तकों की संख्या 623 है।
इस अवसर पर डॉ0 शालू श्रीवास्तव, डॉ0 सुबोध कुमार मिश्रा, डॉ0 इच्छवाकु प्रताप सिंह, डॉ0 भावना मिश्रा, विनय कुमार सिंह, हरिकेश यादव, श्रीकांत मणि त्रिपाठी आदि शिक्षक उपस्थित रहे।