यूनिवर्सिटी चौराहे के पास रविवार की सुबह 11:30 बजे के करीब एक डंपर ने स्कूटी सवार दंपती को टक्कर मार दी। इसमें महिला की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
महिला की पहचान खोराबार निवासी अन्नपूर्णा (56) के रूप में हुई।
वह पति हरिशंकर प्रजापति के साथ इलाज के लिए जा रही थी। पति पोस्ट ऑफिस में कर्मचारी है। उसे भी हल्की चोट आई है। हादसे के बाद चौराहे पर जाम लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने रास्ते को खुलवाया। हादसे के बाद लोगों के बीच डंपर को लेकर खासी चर्चा हो रही थी।
लोगों का कहना था कि ये ट्रैफिक और पुलिस विभाग की लापरवाही से हादसा हुआ है। किसी भी शहर में डंपर के प्रवेश का समय शहर और यातायात नियमों पर निर्भर करता है। आमतौर पर, भारी वाहनों, जैसे डंपर, को शहर में सुबह 7:00 बजे से 10:30 बजे तक और शाम 5:00 बजे से 11:00 बजे तक प्रवेश की अनुमति नहीं होती है।
यह समय शहर के व्यस्त घंटों के दौरान यातायात को कम करने के लिए निर्धारित किया गया है। ऐसे में दोपहर एक बजे शहर के बीच चौराहों को पार करते हुए यूनिवर्सिटी चौराहे तक डंपर किसी अनुमति से आया? अगर यातायात और जनसुविधा को देखते नियमों के तहत ही डंपर आता तो ये हादसा नहीं होता और एक जान नहीं जाती।