गोरखपुर। साहब इनके लिए इनका परिवार जरूरी है तो क्या मेरे लिए मेरा परिवार जरूरी नहीं है? भाई की शादी में जाने के कारण पति नाराज हो गए है। मारपीट और घर से निकालने की बात कह रहे हैं। पति के खिलाफ परिवार परामर्श केंद्र में एक महिला ने शिकायत कर यह बातें कहीं। मामला गोरखनाथ थाना क्षेत्र का है।
अप्रैल माह में पति को बिना बताए दाेनों बच्चों को लेकर महिला छोटे भाई की शादी में मायके चली गई थी। इस बात से नाराज पति ना तो ससुराल में शादी के मौके पर गया और ना ही पत्नी को लाने के लिए गया। छोटे भाई की शादी हो जाने के बाद जब एक माह बाद महिला ससुराल वापस आयी तो पति ने उससे बात नहीं की। महिला के बिना बताए मायके जाने से खफा पति ने उसे वापस लौट जाने के लिए कहा। इस बात पर दोनों में बहस छिड़ गयी। गुस्से से तिलमिलाए पति ने महिला के ऊपर हाथ उठा दिया। जिसके बाद महिला 23 मई को परिवार परामर्श केंद्र पहुंच गयी।
महिला ने पति के खिलाफ शिकायत करते हुए कहा कि पति के लिए अपना परिवार महत्वपूर्ण है तो मेरे लिए मेरा भी परिवार उतना ही जरूरी है। अपने घर जाने के लिए नहीं पूछा तो नाराज हो गए। मेरे साथ मारपीट कर घर से निकालने की बात कह रहे हैं। वहीं पति का कहना था कि शादी के छह साल में एक बार भी डांटा नहीं हूं। मायके जाने के लिए मना नहीं करता हूं। पर बता करके जाना चाहिए था। आगे भी ऐसी ही चली जाएगी तो इससे अच्छा मायके ही रहे। तीन कांउसलिंग के बाद रविवार को दोनों में समझौता कराया गया।
काउंसलर अवनीश चौधरी ने कहा पति-पत्नी दोनों के लिए अपने माता-पति जरूरी हैं। पर पारिवारिक दायित्वों के तहत दोनों को सूचना देकर ही कहीं जाना चाहिए। हर बात पर जिद्द करना जरूरी नहीं है। रिश्तों में समर्पण और विश्वास दोनों जरूरी है।