सीएचसी पिपराइच में डॉ. अंकुर, फार्मासिस्ट जय विजय पांडेय सहित अन्य स्टाफ मौजूद था। अधीक्षक डॉ. मणि शेखर ने बताया कि महिला चिकित्सक रात में ऑन काॅल मौजूद रहती हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटहट में डॉ. सीबी शर्मा, फार्मासिस्ट मुरली श्याम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमरेंद्र नाथ ठाकुर, फार्मासिस्ट शरदेंदु मणि त्रिपाठी व अन्य कर्मी मौजूद रहे। पाली क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ठर्रापार में डाॅ. कुनाल श्रीवास्तव, धर्मदेव, स्टाफ नर्स क्षमा मिश्रा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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सीएचसी बारीगांव में शाम को बंद हो जाता है ताला।
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वहीं, झंगहा क्षेत्र के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे। यहां के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि उनके समेत दो डॉक्टर तैनात हैं। इसमें से एक डॉक्टर ट्रेनिंग में गए हैं। अकेले होने की वजह से केवल ओपीडी ही देख पाते हैं। रात में यहां कोई डॉक्टर नहीं रहता है। इसी तरह सिकरीगंज क्षेत्र के बारीगांव सीएचसी में भी रात को कोई नहीं रहता। इस सीएचसी में दोपहर बाद ताला लग जाता है।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने कहा कि सीएचसी बारीगांव व बरही में इमरजेंसी सेवा संचालित नहीं होती। बरही सीएचसी क्षेत्र के मरीज इमरजेंसी में पीएचसी ब्रह्मपुर जाते हैं, जबकि बारीगांव क्षेत्र के मरीज बांसगांव सीएचसी जाते हैं। सभी सीएचसी-पीएचसी पर डॉक्टरों को रात्रि विश्राम के निर्देश दिए गए हैं। छठ पूजा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।