घर पर ही महिलाओं ने गुझिया बनाना शुरू कर दिया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
होली के मौके पर खाद्य सामग्रियों खासकर खोआ और पनीर में मिलावट के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। होली पर पकवानों के लिए खोआ और पनीर की जरूरत ज्यादा होती है। दुकानों पर मिलने वाले खोआ और पनीर पर भरोसा तो अब रहा नहीं, तो महिलाओं ने इसे घर पर तैयार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए महिलाएं घर की बुजुर्गों के अनुभव का लाभ भी ले रही हैं। कई महिलाएं समूह बनाकर खोआ और गुझिया तैयार कर रही हैं।
यही वजह है कि पैकेट वाले दूध की मांग बढ़ गई है। कुछ दुकानों पर बड़ी कंपनियों के स्टॉक भी खत्म हो गए हैं। वहीं बेसन, सरसों के तेल आदि को लेकर भी लोग पहले से अधिक सतर्क हो गए हैं।
व्यापारियों के अनुसार, गोरखपुर में रोजाना करीब 4.5 लाख लीटर पैकेट दूध की खपत है। होली के समय यह बढ़कर पांच लाख से भी ज्यादा हो गई है। रोजाना करीब चार करोड़ का कारोबार हो रहा है। मिलावट के डर से महिलाएं घर पर ही खोआ और पनीर बनाने लगी हैं। इसकी वजह से पैकेट के दूध का स्टॉक कई दुकानों पर खत्म हो जा रहा है। खोआ के लिए लोग बड़े ब्रांड के दूध का पैकेट इस्तेमाल कर रही हैं।
किराना स्टोर संचालक दिनेश गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पैकेट के दूध की मांग बढ़ गई है। महिलाएं इसे काफी ज्यादा खरीद रही हैं। दूध का स्टॉक आते ही खत्म हो जा रहा है। दूध के कारोबारी अजीत जायसवाल ने बताया कि होली में मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। मिठाई के दुकानदारों के अलावा आम लोग भी इसे खरीद रहे हैं।