गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर सेवई बाजार में मिट्टी डालकर बंद कर दी गई है एक लेन
ट्रांसपोर्टनगर में बन रहे सिक्सलेन पर निर्माण के चलते संकरी हो गई है सड़क, नहीं लगे हैं संकेतक
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के भीतर बन रहे सिक्सलेन और गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर रात में यात्रा करते समय स्वयं सतर्कता बरतें, क्योंकि इन प्रमुख मार्गों पर वाहन चालकों को आगामी खतरों से सतर्क करने के लिए संकेतक नहीं लगे हैं। वाराणसी हाईवे पर सेवई बाजार में मिट्टी गिराकर एक लेन को बंद कर दिया गया है और डायवर्जन का संकेतक भी नहीं लगा है। इसी तरफ सिक्सलेन पर जहां काम चल रहा है, वहां कोई ऐसा चिह्न नहीं है, जिससे संभावित खतरों से वाहन चालक आगाह हो सकें। इसलिए इन सड़कों पर यात्रा कर रहे हैं तो संभलकर चलिए...।
गोरखपुर-वाराणसी नेशनल हाईवे पर सेवई बाजार के पास सड़क की मरम्मत के लिए 15 दिन पहले डिवाइडर के एक ओर मिट्टी डालकर एक लेन पर यातायात रोक दिया गया। रात के अंधेरे और घने कोहरे में वाहन चालकों के सामने अचानक मिट्टी का ढेर नजर आ रहा है। ब्रेक लगाया तो ठीक पीछे आने वाले वाहनों के टकराने का जोखिम है। इसी प्रकार महोव बांध के पास भी मिट्टी डालकर रास्ता बाधित किया गया है, जहां एक वाहन जाने का रास्ता छोड़ दिया गया है।
सड़क पर रास्ता रोकने वाले स्थान से पहले मोटे अक्षरों में डायवर्जन लिखने का नियम है। रेडियम पट्टी भी लगानी चाहिए, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। कौड़ीराम के रवि भूषण बताते हैं- दो दिन पहले बाइक से वाराणसी के रास्ते जा रहा था, अचानक एक चार पहिया ने ब्रेक मार दी। मेरी किस्मत ठीक थी कि लड़ा नहीं। पता चला आगे सड़क पर ही मिट्टी डालकर वनवे कर दिया गया है।
एनएचएआई गोरखपुर के पूर्व परियोजना प्रबंधक भावेश अग्रवाल ने बताया कि उनका स्थानांतरण हो गया है। दो दिन पहले ही उन्होंने चार्ज दिया है। गोरखपुर-वाराणसी नेशनल हाईवे पर कोहरे को देखते हुए अधिकारियों को संकेतक लगाने का निर्देश दिया था। नए परियोजना प्रबंधक को भी इस समस्या से अवगत करा दिया है। हालांकि, इस मामले में परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
10 फीट बची है सड़क, उसी में निकल रहे वाहन
शहर के ट्रांसपोर्टनगर में निर्माणाधीन सिक्सलेन पर पिलर निर्माण के चलते सड़क संकरी हो गई है। यहां करीब 10 फीट ही जगह बची है। इतने में ही वाहनों को निकलना है। इसके चलते एक-एक वाहन निकल रहे हैं, जिस कारण जाम लग रहा है। निर्माण कार्य के अगल-बगल रेडियम पट्टी भी नहीं लगी है, जिससे कि वाहन चालकों को इसका अंदाजा हो। दोनों तरफ चौड़ी सड़क पर फर्राटा भरते वाहन पहुंचते तो अचानक सड़क संकरी दिख रुकते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
रात में खोल देनी चाहिए सड़क
स्थानीय चालकों को पता है कि सेवई बाजार में एक किमी वन वे है, लेकिन बाहर से आने वाले बड़े वाहन अचानक मिट्टी के ढेर देखकर मुड़ते हैं तो हादसे की आशंका बढ़ जाती है। ठंड के मौसम में रात में काम नहीं होता है तो रात में सड़क खोल देनी चाहिए ताकि जब घना कोहरा हो तो हादसे का जोखिम कम हो जाए।
प्रमोद चौधरी, बंशीपुरा
जहां काम खत्म, वहीं भी नहीं हटाई मिट्टी
ट्रांसपोर्ट नगर में जिस स्थान पर 15 दिन पहले काम बंद हो गया है, वहां भी घेरा नहीं हटाया गया है। मिट्टी भी नहीं हटाई गई है। इस वजह से हर दिन वाहनों का जाम लग रहा है। हादसे से सतर्क करने के लिए संकेतक भी कहीं नहीं लगाए गए हैं। इस वजह से दिक्कत हो रही है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
राजू दूबे, बैट्री दुकानदार-ट्रांसपोर्ट नगर