खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की कार्रवाई का असर शुक्रवार को हिंदी बाजार में भी दिखा। व्यवसायियों में अब इस बात की चर्चा तेज है कि बैंकाक से आया तस्करी का करीब एक किलो सोना अक्षय तृतीया के पहले हिंदी बाजार में कहां खपा और कौन से लोग इसमें शामिल हैं। पकड़े गए युवक संतोष ने कुछ नाम भी डीआरआई को बताए थे। इन्हीं नामों की चर्चा हिन्दी बाजार में पूरे दिन होती रही। इसके अलावा 200 किलो अवैध चांदी भी खपाए जाने की बात सबकी जुबान पर थी।
दरअसल, डीआरआई की कार्रवाई के बाद अब अवैध सोना खपाने वाले दुकानदारों की जांच चल रही है। डीआरआई सूत्रों ने बताया कि जल्द ही कुछ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। पिछले पंद्रह दिनों से हिंदी बाजार खासा चर्चाओं में है। बाजार में फर्जी हॉल मार्किंग करके अवैध कारोबार करने वाले व्यापारी को सराफा मंडल और राजघाट पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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इसके बाद पता चला कि अवैध सोने को बाजार में खपाया गया है। इसी बीच करीब पांच किलो अवैध सोना और 40 लाख रुपये के साथ तीन तस्करों को डीआरआई टीम ने अलग-अलग जगह से गिरफ्तार कर लिया। सराफा मंडल संरक्षक पंकज गोयल ने बताया कि बाजार में अवैध सोना न खपे, इसके लिए मंडल के पदाधिकारी ठोस रणनीति तैयार कर रहे हैं। डीआरआई ऐसे ही अवैध तस्करों पर कार्रवाई का सिलसिला आगे बढ़ाए रखे।
चर्चा: 200 किलो अवैध चांदी भी आई है बाजार में
डीआरआई की कार्रवाई के दूसरे दिन सराफा बाजार में अवैध चांदी की भी चर्चा होती रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, करीब 200 किलो अवैध चांदी शहर में लाई जा रही थी। लेकिन, सांठगांठ के बाद जांच टीम के दायरे में अवैध चांदी नहीं आ सकी। जबकि, 15 लाख रुपये नकद जब्त कर लिए गए । अब चर्चा है कि बाजार से ही तीन लोग चांदी बाजार में लेकर आ गए। चर्चा ये भी है कि गिरफ्तार तस्कर और चांदी लेकर आने वालों में भी सांठगांठ है। डीआरआई की टीम जांच का दायरा बढ़ाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।